झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मामले की परतें भी खुलती जा रही हैं। सीआईडी ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में जेपीएससी का एक कर्मचारी और मुख्य आरोपी अभय तिवारी का करीबी सहयोगी शामिल बताया जा रहा है। दोनों से पूछताछ में जांच टीम को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
सीआईडी का ध्यान खींचा
जांच में अभय तिवारी के होटल कनेक्शन ने भी सीआईडी का ध्यान खींचा है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021 में अभय तिवारी ने रांची के स्टेशन रोड स्थित एक होटल को करीब 11 महीने के लिए लीज पर लिया था। अब सीआईडी यह पता लगाने में जुटी है कि होटल को इतने लंबे समय के लिए लीज पर लेने का उद्देश्य क्या था और उस दौरान वहां किन-किन लोगों की आवाजाही होती थी।
अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई
जांच एजेंसी होटल के लीज दस्तावेज, रजिस्टर, भुगतान रिकॉर्ड, बिल और वहां ठहरने वाले लोगों का ब्योरा खंगाल रही है। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं होटल का इस्तेमाल प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े लोगों की बैठकों या किसी संदिग्ध गतिविधि के लिए तो नहीं किया जाता था। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई थीं
सीआईडी सूत्रों के अनुसार, पहले गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेकर की गई पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई थीं। इन्हीं सुरागों के आधार पर शनिवार को दो और गिरफ्तारियां की गईं। इससे संकेत मिल रहे हैं कि जांच अब केवल कुछ आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि कथित परीक्षा गड़बड़ी के पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
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जेपीएससी मामले का असर भर्ती परीक्षाओं पर भी पड़ा है। कई परीक्षाएं स्थगित हो चुकी हैं और अभ्यर्थी नई परीक्षा तिथियों का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में सीआईडी की लगातार बढ़ती कार्रवाई ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है।