झारखंड के धनबाद जिले में तेज आंधी और बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। सोनारडीह स्थित टांडबारी बस्ती में अचानक जमीन धंसने से एक मकान पल भर में जमींदोज हो गया। इस हादसे में मलबे में दबकर एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
जमीन धंसने से मकान बना मलबा, तीन की मौत
जानकारी के अनुसार, सोनारडीह के टांडबारी बस्ती में तेज आंधी और बारिश के दौरान जमीन धंस गई, जिससे एक मकान अचानक धराशायी हो गया। इस हादसे में घर के अंदर मौजूद एक ही परिवार के तीन लोग मलबे में दब गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, मृतकों की पहचान 70 वर्षीय मोनू उरांव, 17 वर्षीय गीता कुमारी और 35 वर्षीय सरिता देवी के रूप में हुई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद निकाले गए शव
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद मलबे से तीनों शवों को बाहर निकाला गया। इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ये भी पढ़ें: नई सरकार के गठन से पहले किन नेताओं को मिला VIP का दर्जा; विधान सभा समितियों में ओहदा
अवैध खनन पर लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से हो रहे अवैध कोयला उत्खनन के कारण जमीन कमजोर हो गई है। इसी वजह से इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं। उन्होंने पुलिस और प्रशासन पर भी मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की घटनाओं पर केवल सतही कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। अवैध खनन पर सख्त और स्थायी रोक लगाना बेहद जरूरी है।
प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा, लोगों को किया अलर्ट
घटनास्थल पर बचाव कार्य के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने पास के घरों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। वहीं, बीसीसीएल प्रबंधन ने संबंधित इकाइयों को अलर्ट जारी करते हुए खदान क्षेत्रों की स्थिरता की जांच के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने भू-विज्ञान और खनन विशेषज्ञों के साथ मिलकर पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। ग्रामीणों ने मृतक परिवार को उचित मुआवजा, पुनर्वास और प्रभावित इलाके में अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदी दोबारा न हो।