फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jharkhand News: रिम्स के पीजी डॉक्टर की संदिग्ध मौत, मकान से मिला शव, पुलिस जांच में जुटी

Sat, 30 May 2026 07:00 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के सर्जरी विभाग के पोस्ट ग्रेजुएट प्रथम वर्ष के 32 वर्षीय छात्र डॉ. सानु सनल बरवार का शव कटहल मोड़ स्थित एक मकान से बरामद किया गया है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। मौत के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है।
विज्ञापन
रिम्स के पीजी डॉक्टर की संदिग्ध मौत - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

झारखंड की राजधानी रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में एक बार फिर मेडिकल छात्र की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। रिम्स के सर्जरी विभाग के पोस्ट ग्रेजुएट प्रथम वर्ष के 32 वर्षीय छात्र डॉ. सानु सनल बरवार का शव शहर के कटहल मोड़ स्थित एक मकान से बरामद किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।

रिम्स परिसर में शोक की लहर

डॉ. सानु सनल बरवार की मौत की खबर मिलते ही रिम्स परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। साथी डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों के बीच इस घटना को लेकर गहरी चिंता देखी जा रही है। प्रारंभिक जांच में मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

हाल ही में सामने आया था एक और मामला

गौरतलब है कि इससे पहले 16 मई को रिम्स के एक अन्य मेडिकल छात्र अक्षित कुजूर की भी कथित आत्महत्या का मामला सामने आया था। पिछले कुछ वर्षों के दौरान रिम्स में मेडिकल छात्रों की आत्महत्या अथवा संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं ने मेडिकल शिक्षा के दौरान छात्रों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

विशेषज्ञों ने मानसिक दबाव को बताया बड़ी चुनौती

इस संबंध में केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (सीआईपी) के विशेषज्ञों का कहना है कि मेडिकल छात्रों पर पढ़ाई, परीक्षा और करियर को लेकर अत्यधिक दबाव रहता है। इसके अलावा व्यक्तिगत संबंधों और अन्य सामाजिक कारणों का भी उनके मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे अधिकांश मामलों में मानसिक तनाव और अवसाद प्रमुख कारण के रूप में सामने आते हैं। हालांकि किसी भी मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और तथ्यों के आधार पर ही निकाला जा सकता है।

विज्ञापन

 

ये भी पढ़ें: जहां मिलता है इंसाफ, वहीं बिक गई थाने की जमीन, बाउंड्री के अंदर की जमीन की रजिस्ट्री से मचा हड़कंप

विज्ञापन


मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

इस घटना के बाद एक बार फिर मेडिकल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, संस्थानों में उपलब्ध काउंसलिंग व्यवस्था और मनोसामाजिक सहयोग तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता पर बहस तेज हो गई है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें