सेल की जूनियर ऑफिसर 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच पूरी हो गई है। सतर्कता विभाग ने अंतिम रिपोर्ट सेल मुख्यालय को सौंप दी है। परीक्षा में करीब आठ हजार कर्मचारियों ने हिस्सा लिया था, जबकि 525 पदों पर पदोन्नति का लक्ष्य है। अब कर्मचारियों को कंपनी प्रबंधन के फैसले और परीक्षा परिणाम का इंतजार है।
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की जूनियर ऑफिसर 2026 परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी की जांच सतर्कता विभाग ने पूरी कर ली है। सतर्कता विभाग ने अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट सेल मुख्यालय को सौंप दी है। अब कंपनी प्रबंधन इस मामले में आगामी कदम पर फैसला लेगा।
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बोकारो इस्पात संयंत्र सहित कंपनी की विभिन्न इकाइयों में कार्यरत लगभग आठ हजार कर्मचारी प्रबंधन के इस फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ये सभी कर्मचारी पिछले दो महीनों से लिखित परीक्षा के परिणाम के माध्यम से कर्मचारी से सीधे अधिकारी बनने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
परीक्षा में धांधली की शिकायत
सेल मुख्यालय को शिकायत मिली थी कि परीक्षा के दौरान बोकारो और धनबाद के केंद्रों पर कुछ उम्मीदवार नियमों का उल्लंघन करके परीक्षा कक्ष में दाखिल हुए थे। इन उम्मीदवारों के पास मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच और डिजिटल चश्मे जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मौजूद थे। परीक्षा के लिए जारी दिशानिर्देशों के अनुसार इन सभी उपकरणों का परीक्षा केंद्र में प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित था। सतर्कता विभाग ने अपनी प्रारंभिक जांच में परीक्षा के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक मानी थी। इसके कारण सतर्कता विभाग ने निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया के प्रभावित होने की आशंका भी जताई थी।
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कई प्रमुख शहरों में परीक्षा का आयोजन
महारत्न कंपनी सेल ने ई-जीरो पद पर पदोन्नति देने के लिए कर्मचारियों की कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन लिखित परीक्षा इसी वर्ष 5 जुलाई 2026 को आयोजित की थी। इसके लिए सेल ने देश के कई प्रमुख शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए थे। इन शहरों में नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पटना, रांची, धनबाद और बोकारो शामिल थे। इस परीक्षा के जरिये कंपनी अपने योग्य कर्मचारियों को आंतरिक पदोन्नति देकर अधिकारी पद पर नियुक्त करती है। परीक्षा परिणाम जारी होने से कर्मचारी अधिकारी वर्ग का हिस्सा बनते हैं।
कुल 525 पदों पर पदोन्नति का लक्ष्य
संस्थान के कुल आठ हजार कर्मचारियों ने जूनियर ऑफिसर पद के लिए परीक्षा दी थी, लेकिन प्रबंधन ने केवल 525 कर्मचारियों को ही पदोन्नति देने का लक्ष्य रखा है। इसमें भिलाई इस्पात संयंत्र के 154 और राउरकेला के 131 कर्मचारियों को पदोन्नति मिलेगी। इसके अतिरिक्त दुर्गापुर के 88, बोकारो के 82 तथा इस्को बर्नपुर के 29 कर्मचारियों को पदोन्नत किया जाएगा। बाकी पदों पर अन्य इकाइयों के संयंत्रकर्मी पदोन्नत होंगे। सतर्कता रिपोर्ट मिलने के बाद अब मामला सेल मुख्यालय के पाले में है, जहां से अंतिम निर्णय होगा।