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Jharkhand: पेट्रोल बम हमले की जांच में बड़ा खुलासा, कई राज्यों तक फैले नेटवर्क और फंडिंग कनेक्शन की पड़ताल

Sat, 20 Jun 2026 02:10 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

रांची के आरएसस कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच में बड़े नेटवर्क और संभावित साजिश के संकेत मिले हैं। एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग लेनदेन और विभिन्न राज्यों से जुड़े संपर्कों की जांच कर रही हैं। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं।
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रांची में आरएसएस कार्यालय - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक व्यापक नेटवर्क और सुनियोजित साजिश की आशंका भी जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां विभिन्न पहलुओं पर गहन जांच कर रही हैं।
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झारखंड के अलावा अन्य राज्यों में भी अशांति फैलाने की थी साजिश
जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में संकेत मिले हैं कि कुछ युवकों को आर्थिक प्रलोभन देकर कथित तौर पर हिंसक गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश की गई थी। साथ ही यह भी आशंका जताई जा रही है कि झारखंड के अलावा अन्य राज्यों में भी अशांति फैलाने की योजना पर काम किया जा रहा था। एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग लेनदेन, कॉल डिटेल्स और अन्य संचार माध्यमों की बारीकी से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की पहचान करने और उससे जुड़े लोगों तक पहुंचने के लिए तकनीकी विश्लेषण जारी है।

एजेंसियां चैट रिकॉर्ड, कॉल डिटेल की जांच में जुटी
जांच के दौरान मुख्य आरोपी की पृष्ठभूमि भी खंगाली गई है। अधिकारियों के मुताबिक उसने कम उम्र में आर्थिक और पारिवारिक चुनौतियों का सामना किया था। रोजगार की तलाश में वह विभिन्न शहरों में रहा और बाद में विदेश भी गया। जांच में सामने आया है कि विदेश प्रवास के दौरान उसके कई राज्यों के लोगों से संपर्क बने, जिनमें कुछ संपर्क अब जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों के बीच संपर्क मुख्य रूप से मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और फोन कॉल के माध्यम से होता था। नए मोबाइल नंबरों और डिजिटल अकाउंट्स के इस्तेमाल के संकेत भी मिले हैं। एजेंसियां चैट रिकॉर्ड, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं।
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पूछताछ में यह जानकारी भी सामने आई है कि मुख्य आरोपी को पंजाब भेजा गया था, जहां उसे कुछ लोगों से मुलाकात कर आगे के निर्देश प्राप्त करने थे। हालांकि बाद में परिस्थितियों में बदलाव होने पर कथित योजना में संशोधन किया गया और उसे वापस लौटने के लिए कहा गया। जांच एजेंसियां अब इस यात्रा के उद्देश्य और उससे जुड़े संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं।
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आरोपियों ने कथित रूप से शहर पहुंचकर आवश्यक सामग्री जुटाई
जांच के अनुसार रांची में एक विशेष स्थान को निशाना बनाने की योजना बनाई गई थी। आरोपियों ने कथित रूप से शहर पहुंचकर आवश्यक सामग्री जुटाई और घटना को अंजाम देने की तैयारी की। यह भी जानकारी मिली है कि घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर कुछ लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए थे। घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्धों को हिरासत में लिया। अब डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि मामले में अभी कई अहम खुलासे होने बाकी हैं और जांच आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
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