झारखंड राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की बुधवार को हुई स्क्रूटनी के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र में कथित त्रुटियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए नामांकन पत्र की वैधता पर अंतिम निर्णय फिलहाल रोक दिया गया है।
नाम और दस्तावेजों में कथित विसंगति पर उठी आपत्ति
जानकारी के अनुसार, विधानसभा के प्रभारी सचिव एवं रिटर्निंग ऑफिसर रंजीत कुमार ने नामांकन पत्र में तीन बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज की है। इनमें प्रत्याशी के नाम के उल्लेख में असंगति, अविभाजित परिवार से संबंधित जानकारी वाले कॉलम की अनुपस्थिति तथा आपराधिक मामलों से जुड़े विवरण में कथित अधूरी जानकारी शामिल है। बताया जा रहा है कि कुछ दस्तावेजों में नाम "परिमल नाथवानी" जबकि कुछ में 'नाथवानी परिमल' दर्ज है, जिसे लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
खुद सचिवालय पहुंचे परिमल नाथवानी
मामले की जानकारी मिलने के बाद परिमल नाथवानी स्वयं विधानसभा सचिवालय पहुंचे और रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष आपत्तियों का जवाब दिया। इस दौरान उनके समर्थन में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
कांग्रेस की शिकायत ने बढ़ाई सियासी हलचल
वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी की ओर से इस संबंध में रिटर्निंग ऑफिसर को लिखित शिकायत भी सौंपी गई है। शिकायत में नामांकन पत्र में आवश्यक जानकारियां पूर्ण रूप से उपलब्ध नहीं होने का आरोप लगाया गया है। शिकायत और आपत्तियों पर विचार करते हुए रिटर्निंग ऑफिसर ने फिलहाल नामांकन पत्र की वैधता पर निर्णय सुरक्षित रखा है।
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गठबंधन उम्मीदवारों को मिली राहत, नामांकन वैध
दूसरी ओर, इंडिया गठबंधन के उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच पूरी हो गई है। जांच के दौरान प्रणव झा और बैद्यनाथ राम के नामांकन पत्र वैध पाए गए हैं। अब सभी की नजरें रिटर्निंग ऑफिसर के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो राज्यसभा चुनाव के समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।