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Ranchi: परिमल नाथवानी को चुनाव आयोग की हरी झंडी, कांग्रेस की आपत्तियां खारिज, अब क्रॉस वोटिंग पर टिकी सबकी नजर

Wed, 10 Jun 2026 03:29 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

Ranchi: झारखंड राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन पर कांग्रेस की ओर से उठाई गई आपत्तियों को रिटर्निंग ऑफिसर ने खारिज कर दिया है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद उनका नामांकन वैध घोषित कर दिया गया। अब चुनावी मैदान में बैद्यनाथ राम, प्रणव झा और परिमल नाथवानी सहित तीन उम्मीदवार हैं।
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बीजेपी समर्थित प्रत्याशी परिमल नाथवानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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झारखंड राज्यसभा चुनाव की दो सीटों के लिए नामांकन पत्रों की जांच के बाद निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी की उम्मीदवारी को मंजूरी मिल गई है। उनके नामांकन पत्र में कथित तौर पर तीन बिंदुओं पर आपत्तियां दर्ज की गई थीं, जिसके कारण विधानसभा प्रभारी सचिव एवं रिटर्निंग ऑफिसर रंजीत कुमार ने उनके नामांकन को फिलहाल होल्ड पर रखा था।

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स्पष्टीकरण के बाद मिली राहत
बाद में परिमल नाथवानी से संबंधित बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया। नाथवानी द्वारा दिए गए जवाबों से रिटर्निंग ऑफिसर संतुष्ट हुए, जिसके बाद उनके नामांकन पत्र को वैध घोषित कर दिया गया। साथ ही कांग्रेस की ओर से उठाई गई आपत्तियों को भी खारिज कर दिया गया।
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अब मैदान में बचे तीन दावेदार
अब चुनावी मैदान में तीन उम्मीदवार रह गए हैं। इनमें झामुमो उम्मीदवार बैद्यनाथ राम, कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी शामिल हैं।

विधानसभा का गणित किसके पक्ष में?
राजनीतिक समीकरणों पर नजर डालें तो विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के पास 56 विधायक हैं, जिसके आधार पर गठबंधन दोनों सीटें जीतने की स्थिति में दिखाई देता है। हालांकि नाथवानी के मैदान में उतरने से चुनावी मुकाबला रोचक हो गया है और क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

नाथवानी की राह में बड़ी चुनौती
एनडीए के पास 24 विधायक हैं। ऐसे में नाथवानी को जीत के लिए अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव परिणाम काफी हद तक प्राथमिकता वोटों और विभिन्न दलों के विधायकों की रणनीति पर निर्भर करेगा।

अटकलों के बीच नतीजों पर टिकी निगाहें
हालांकि यह ध्यान देने योग्य है कि विधायकों की खरीद-फरोख्त या हॉर्स ट्रेडिंग से जुड़े किसी भी दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे दावे फिलहाल राजनीतिक चर्चाओं और अटकलों का हिस्सा हैं। चुनाव परिणाम और मतदान के दौरान विधायकों का रुख ही अंतिम तस्वीर स्पष्ट करेगा।
 

सलमान खुर्शीद पहुंचे रांची
नाथवानी के नामांकन को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि वह दिल्ली से रांची यह बताने और तर्क रखने आए थे कि कांग्रेस का मामला कितना मजबूत है, लेकिन जब वे करीब 12:30 बजे पहुंचे तब तक सुनवाई समाप्त हो चुकी थी। उनके अनुसार, अदालत ने कहा कि इस विषय पर पक्ष की बात पर्याप्त रूप से सुनी जा चुकी है।
 
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'नाथवानी ने हलफनामे में कई कॉलम खाली छोड़ा'
 वहीं कांग्रेस की ओर से पैरवी कर रहे वकील सुरेंद्र सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान परिमल नाथवानी के दस्तावेजों में कई कमियां पाई गईं। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार के नाम में भी विसंगति थी, जहां 'परिमल नाथवानी' के बजाय 'नाथवानी परिमल' लिखा गया था। चौहान के अनुसार, 'चुनाव संचालन नियम, 1961' के नियम 4A के तहत दाखिल किए जाने वाले फॉर्म-26 में उम्मीदवार को अपनी संपत्ति, जीवनसाथी, परिवार और आश्रितों से संबंधित पूरी जानकारी देनी होती है, लेकिन नाथवानी के हलफनामे में कई कॉलम खाली छोड़ दिए गए थे और केवल उनके तथा उनकी पत्नी की जानकारी दी गई थी। इसी आधार पर कांग्रेस ने हलफनामे को त्रुटिपूर्ण और कानूनी रूप से अमान्य बताते हुए नामांकन रद्द करने की मांग उठाई।

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