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झारखंड: देवघर और सीमांचल के बीच आसान होगा रेल सफर, विक्रमशिला-कटेरिया रेल परियोजना के लिए टेंडर जारी

Thu, 01 Oct 2026 04:30 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

रेलवे ने विक्रमशिला-कटेरिया नई रेल लिंक परियोजना के लिए 1163.32 करोड़ रुपये का ई-टेंडर जारी किया है। 33.294 किलोमीटर लंबे रेलखंड में बटेश्वरस्थान के पास गंगा पर पुल बनेगा। इससे बिहार के सीमांचल और झारखंड के संताल परगना क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
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सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रेलवे ने विक्रमशिला-कटेरिया नई रेल लिंक परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 1163.32 करोड़ रुपये का ई-टेंडर जारी किया है। पूर्व मध्य रेलवे के निर्माण संगठन की ओर से जारी इस निविदा के तहत 33.294 किलोमीटर लंबे रेल खंड का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के निर्माण से देवघर और संताल परगना क्षेत्र का सीमांचल से रेल संपर्क अत्यधिक मजबूत होगा तथा नवगछिया का रेल नेटवर्क सीधे विक्रमशिला से जुड़ जाएगा।

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परियोजना का दायरा और टेंडर की समयसीमा
टेंडर प्रक्रिया के तहत विक्रमशिला से कटेरिया के बीच नई रेल लाइन बिछाने का काम किया जाएगा। इसके अतिरिक्त शिवनारायणपुर वाई-लिंक और कटेरिया वाई-लिंक से नवगछिया तक रेल संपर्क विकसित करना भी इस योजना में शामिल है। इस ई-टेंडर को जमा करने की अंतिम तिथि 27 जनवरी 2027 निर्धारित की गई है। कार्य पूरा करने के लिए निर्माण अवधि 1460 दिन यानी लगभग चार वर्ष तय की गई है। इस 33.294 किलोमीटर लंबे रेल खंड पर मिट्टी का काम, ब्लैंकेटिंग, छोटे और बड़े पुलों का निर्माण, रेल ओवरब्रिज, सीमित ऊंचाई वाले सबवे, रोड अंडरब्रिज तथा स्टेशन भवन बनाए जाएंगे। इसके साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए प्लेटफॉर्म, फुट ओवरब्रिज और पथ निर्माण से जुड़े तमाम नागरिक कार्य भी इस निविदा का हिस्सा हैं। रेलवे के निर्धारित मानकों के अनुसार यह पूरा निर्माण कार्य 25 टन भारतीय रेलवे मानक लोडिंग के अनुरूप किया जाएगा, जिससे भविष्य में यात्री ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों का परिचालन भी पूरी क्षमता से हो सकेगा।

बटेश्वरस्थान के पास गंगा नदी पर बनेगा पुल
इस समूची परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण और तकनीकी दृष्टि से बड़ा हिस्सा बटेश्वरस्थान के पास गंगा नदी पर बनने वाला नया रेल पुल है। इस पुल और विक्रमशिला-कटेरिया रेल लाइन के तैयार होने के बाद गंगा के दोनों छोर आपस में सीधे रेल मार्ग से जुड़ सकेंगे। वर्तमान में नवगछिया और भागलपुर के बीच रेल नेटवर्क को इस नए विकल्प से अत्यधिक मजबूती मिलेगी। गंगा नदी पर बनने वाला यह रेल पुल सीमांचल और भागलपुर क्षेत्र के बीच सीधी कनेक्टिविटी स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा। नया मार्ग उपलब्ध होने से इस क्षेत्र में रेलगाड़ियों का दबाव कम होगा और ट्रेनों के परिचालन में समय की भी बचत हो सकेगी।
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सीमांचल और कोसी क्षेत्र के यात्रियों को लाभ
इस नए रेल संपर्क के पूर्ण विकसित होने से कोसी और सीमांचल क्षेत्र के लोगों को बाबा बैद्यनाथ धाम आने के लिए एक नया और सुलभ विकल्प मिलेगा। पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज जैसे सीमांचल के प्रमुख जिलों से देवघर और संताल परगना की दूरी तय करना अधिक आसान हो जाएगा। भागलपुर और नवगछिया होकर देवघर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सीधे रेल परिचालन का लाभ प्राप्त हो सकेगा। इसके अतिरिक्त दुमका, गोड्डा, देवघर और भागलपुर के बीच स्थानीय आवागमन और रेल नेटवर्क के विस्तार में बड़ी मदद मिलेगी। लंबी दूरी की ट्रेनों को भी इस रेल मार्ग के जुड़ने से वैकल्पिक रास्ता मिल सकेगा।

संताल परगना को मिलेगा एक नया रेल बाइपास
गोड्डा के सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने इस परियोजना के लिए टेंडर जारी होने को पूरे क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि विक्रमशिला-कटेरिया रेल लाइन बनने और बटेश्वरस्थान में गंगा नदी पर नया रेल पुल निर्मित होने के बाद नवगछिया सीधे मुख्य रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इस नई व्यवस्था से गोड्डा और देवघर का संपर्क सीमांचल के पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज जैसे जिलों से बेहतर हो जाएगा। इससे बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, साथ ही देवघर, दुमका और गोड्डा की रेल कनेक्टिविटी को एक नई दिशा मिलेगी और संताल परगना को एक नया रेल बाइपास मिल सकेगा।

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