जेएसएलपीएस और इंडियन बैंक के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
- फोटो : Amar Ujala
झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) और इंडियन बैंक के बीच क्लस्टर लेवल फेडरेशन के लिए डिजिटल पेमेंट गेटवे विकसित करने को लेकर एक महत्वपूर्ण गैर-वित्तीय समझौता पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह पहल ग्रामीण वित्तीय लेन-देन को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
क्लस्टर लेवल फेडरेशन पर डिजिटल पेमेंट गेटवे
इस पहल की सबसे खास बात यह है कि देश में पहली बार क्लस्टर लेवल फेडरेशन पर पेमेंट गेटवे सिस्टम लागू किया जा रहा है। इसके साथ ही झारखंड स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन इस क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन गया है, जो इसे एक मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में स्थापित करता है।
डिजिटल ट्रांजैक्शन से बढ़ेगी पारदर्शिता
इस सिस्टम के माध्यम से स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन, संकुल स्तरीय संघ विक्रेताओं और कैडरों के बीच सुरक्षित और रियल-टाइम डिजिटल लेन-देन सुनिश्चित किया जाएगा। इसमें मेकर–चेकर–अप्रूवर सिस्टम, डिजिटल सिग्नेचर, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और रियल-टाइम ट्रैकिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी।
ये भी पढ़ें-
झारखंड के नए लोकायुक्त बने रिटायर जस्टिस अमिताव कुमार गुप्ता, राजभवन में ली शपथ
पायलट प्रोजेक्ट से होगी शुरुआत
इस परियोजना को शुरुआती चरण में छह क्लस्टर लेवल फेडरेशनमें पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। पहले चरण में ऋण वितरण और भुगतान से जुड़े लेन-देन शामिल होंगे, जिसके सफल होने के बाद सभी वित्तीय गतिविधियों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
यह पहल ग्रामीण वित्तीय प्रणाली को डिजिटल रूप से मजबूत करने के साथ-साथ महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के आर्थिक सशक्तिकरण में भी अहम भूमिका निभाएगी।