सार
लोहरदगा के कुडू थाना पुलिस ने ब्राउन शुगर तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने करीब 100 ग्राम ब्राउन शुगर, कार, दो मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और नकदी जब्त की है।
पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी
- फोटो : अमर उजाला
झारखंड के लोहरदगा जिला स्थित कुडू थाना पुलिस ने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्राउन शुगर तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में अब तक आठ तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों से करीब 100 ग्राम उच्च श्रेणी की ब्राउन शुगर बरामद की गई है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त एक कार, दो मोटरसाइकिल, आठ मोबाइल फोन तथा नकद राशि भी जब्त की है।
गुप्त सूचना पर पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी को गु सूचना मिली थी कि तीन तस्कर रांची की ओर से काले रंग की कार में सवार होकर लगभग 100 ग्राम हाई ग्रेड ब्राउन शुगर लेकर कुडू की तरफ आ रहे हैं। उन्होंने कुडू थाना प्रभारी नीरज झा को छापेमारी करने के निर्देश जारी किए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस अधिकारी श्रद्धा केरकेट्टा, निरीक्षक चंद्रशेखर आजाद और थाना प्रभारी नीरज झा के नेतृत्व में विशेष पुलिस दल का गठन किया गया।
कार की तलाशी और नेटवर्क का भंडाफोड़
विशेष पुलिस दल ने रांची मार्ग से आ रही संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली। जांच के दौरान कार की डिकी में छिपाकर रखी गई ब्राउन शुगर बरामद कर ली गई। कार सवार आरोपितों को हिरासत में लेकर जब पूछताछ आरंभ की गई, तो तस्करी के इस संजाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल हुईं। आरोपितों ने स्वीकार किया कि ब्राउन शुगर की खेप कुडू के रास्ते अन्य तस्करों तक पहुंचाई जानी थी। इसके पश्चात पुलिस ने विभिन्न संभावित स्थानों पर तुरंत छापेमारी शुरू कर दी।
देर रात विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी
पुलिस टीम ने चंदवा मार्ग पर घेराबंदी करके मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों को दबोच लिया, जो कुडू में ब्राउन शुगर की खेप लेने आ रहे थे। पकड़े गए व्यक्तियों की निशानदेही पर पुलिस ने देर रात अलग-अलग संदिग्ध ठिकानों पर अभियान चलाया। इस कार्रवाई में एक अन्य मोटरसाइकिल के साथ तीन और युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल पुलिस आठों आरोपितों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और नशीली सामग्री के स्रोत का पता लगाया जा सके।