झारखंड के लोहरदगा जिले में शादी का झांसा देकर एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने और उसके छह महीने की गर्भवती होने का गंभीर मामला सामने आया है। कुड़ू पुलिस थाना क्षेत्र में पीड़िता के पिता द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने स्थानीय प्रखंड प्रमुख के बेटे सहित तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामले में मुख्य आरोपी पर शादी का झांसा देकर नाबालिग का यौन शोषण करने और प्रखंड प्रमुख तथा उनके वाहन चालक पर पीड़ित परिवार को पुलिस के पास जाने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और सभी नामजद आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
झांसा देकर सात महीने पहले किया दुष्कर्म
पीड़िता के पिता की ओर से पुलिस थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार घटना की शुरुआत करीब सात महीने पहले हुई थी। कुड़ू थाना क्षेत्र के कुंदगढ़ा गांव निवासी आरोपी प्रकाश उरांव ने नाबालिग को फोन करके मिलने के लिए बुलाया था। मुलाकात के दौरान आरोपी ने पीड़िता को शादी करने का झांसा दिया और उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। इसके साथ ही आरोपी ने नाबालिग को धमकी दी कि वह इस घटना के बारे में किसी भी व्यक्ति को न बताए। इसके बाद आरोपी ने करीब एक महीने तक लगातार नाबालिग का यौन शोषण किया। यौन शोषण करने के बाद आरोपी प्रकाश उरांव ने धीरे-धीरे नाबालिग से दूरी बनानी शुरू कर दी और उनसे संपर्क तोड़ दिया।
अस्पताल में जांच के बाद हुआ मामले का खुलासा
घटना का खुलासा उस समय हुआ जब तीन दिन पहले नाबालिग की तबीयत अचानक खराब हो गई। इसके बाद परिजन उसे तुरंत इलाज के लिए एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में जब डॉक्टरों ने नाबालिग का मेडिकल टेस्ट कराया, तो उसके छह महीने की गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। इस बात का पता चलते ही नाबालिग ने परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई और घटना की जानकारी दी। पूरी बात जानने के बाद पीड़िता के परिजन न्याय मांगने के उद्देश्य से प्रखंड प्रमुख मुन्नी देवी के घर पहुंचे। आरोप है कि जब परिजनों ने वहां न्याय की गुहार लगाई, तो प्रखंड प्रमुख मुन्नी देवी और उनके चालक दीपेंद्र भारती ने पीड़िता के पिता और अन्य परिजनों को पुलिस के पास जाने तथा केस दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ दर्ज की प्राथमिकी
प्रखंड प्रमुख और चालक से धमकी मिलने के बाद पीड़ित परिवार सीधे कुड़ू थाना पहुंचा और पुलिस को पूरे मामले की लिखित जानकारी दी। पुलिस ने पीड़िता के पिता के बयान को आधार बनाते हुए आरोपी प्रकाश उरांव के विरुद्ध दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही पीड़ित परिजनों को जान से मारने की धमकी देने के आरोप में प्रखंड प्रमुख मुन्नी देवी और चालक दीपेंद्र भारती के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग का मेडिकल टेस्ट कराया है और अदालत के समक्ष उसका बयान भी दर्ज करा लिया है।
फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की छापेमारी
मामला दर्ज होने के बाद से ही सभी आरोपी अपने ठिकानों से फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच में जुटी हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपों की पुष्टि और आगे की कानूनी कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत पूरी की जाएगी। वहीं कानून के अनुसार नाबालिग पीड़िता की सुरक्षा और उसकी पहचान को पूरी तरह से गुप्त रखने के नियमों का पालन किया जा रहा है।