झारखंड के लातेहार जिले में पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन जेजेएमपी (झारखंड जन मुक्ति परिषद) के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान स्पेशल ऑपरेशन ड्रैगन-228 के दौरान पुलिस ने दो सक्रिय उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने एके-47 समेत भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए हैं।
इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया
पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने प्रेसवार्ता में बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि जेजेएमपी का सक्रिय सदस्य शंकर राम अपने दस्ते के साथ मनिका थाना क्षेत्र के कुरुमखेता जंगल में किसी बड़ी नक्सली वारदात की साजिश रच रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया गया और इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
दो उग्रवादियों को पकड़ा
जैसे ही पुलिस टीम जंगल क्षेत्र में पहुंची, उग्रवादियों को भनक लग गई और वे मौके से भागने लगे। हालांकि, सुरक्षा बलों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दो उग्रवादियों को दौड़ाकर पकड़ लिया। इस दौरान मुख्य आरोपी शंकर राम अपने अन्य साथियों के साथ हथियार छोड़कर जंगल का फायदा उठाते हुए फरार हो गया।
बड़ी मात्रा में हथियार बरामद
गिरफ्तार उग्रवादियों की पहचान मनोज लोहरा (26 वर्ष, पलामू) और महादेव सिंह (24 वर्ष, लातेहार) के रूप में हुई है। इनके पास से दो एसएलआर राइफल, एक एके-47 राइफल, नौ मैगजीन, सैकड़ों जिंदा कारतूस, दो वॉकी-टॉकी, पांच मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। इसके अलावा आसपास के इलाके से भी अतिरिक्त हथियार और उपकरण मिले हैं, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि उग्रवादी किसी बड़े हमले की तैयारी में थे।
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आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू
इस पूरे मामले में मनिका थाना में कांड संख्या 41/2026 दर्ज कर लिया गया है और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फरार आरोपी शंकर राम और उसके अन्य साथियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस ऑपरेशन से इलाके में नक्सली गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।