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Jharkhand: 'लाठियां चलीं, वॉटर कैनन बरसा', लाठीचार्ज के बाद छात्रों ने सुनाई पुलिस कार्रवाई की पूरी कहानी

Tue, 11 Aug 2026 09:06 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर प्रदर्शनकारियों ने गंभीर आरोप लगाए। छात्रों ने दावा किया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने अचानक लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
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लाठीचार्ज के बाद छात्रों ने खोला पुलिस कार्रवाई का राज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्रों का आंदोलन सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान अचानक बल प्रयोग करने और महिलाओं के साथ भी कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा पहुंचना चाहते थे, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

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JLKM विधायक जयराम महतो ने महिलाओं पर पुलिस कार्रवाई का लगाया आरोप

झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के विधायक जयराम कुमार महतो ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई की गई। उन्होंने दावा किया कि महिला प्रदर्शनकारियों के साथ पुरुष पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर मारपीट की और मौके पर महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थीं। महतो ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के आगे की रणनीति को लेकर जल्द निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने आंदोलन कर रहे छात्रों को समर्थन देने की बात भी कही। उनके मुताबिक, जिस तरह वे प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ खड़े रहे, उसी तरह आगे भी उनके साथ खड़े रहेंगे।

प्रदर्शनकारी बोले- शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे थे

विधानसभा घेराव में शामिल एक अन्य प्रदर्शनकारी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा का घेराव करने पहुंचे थे। प्रदर्शनकारी के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्वक बैठने तथा बातचीत करने की बात कही थी।
 

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प्रदर्शनकारी ने दावा किया कि पुलिस अधीक्षक के वहां से जाने के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और अचानक कार्रवाई शुरू कर दी गई। उसने आरोप लगाया कि अंधेरे की आड़ में पुलिस ने अचानक और तेज कार्रवाई की, जिससे प्रदर्शनकारियों को संभलने या सुरक्षित स्थान पर जाने का पर्याप्त मौका नहीं मिला।

 

‘हम सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलकर प्रदर्शन कर रहे थे’

प्रदर्शनकारी ने कहा कि छात्र सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उसने आरोप लगाया कि झारखंड में सरकारी नौकरियों को लेकर युवाओं के बीच लगातार असंतोष बढ़ रहा है।
प्रदर्शनकारी ने सरकार पर तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड में कोई भी सरकारी नौकरी कथित भ्रष्टाचार से अछूती नहीं रही है और सरकार के कार्यकाल में नौकरियों को लेकर युवाओं में गंभीर सवाल हैं। हालांकि, ये प्रदर्शनकारी के आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

राहुल गांधी से भी छात्रों ने समर्थन की अपील की

प्रदर्शनकारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का भी जिक्र किया। उसने कहा कि राहुल गांधी हमेशा छात्रों और युवाओं के हितों की बात करते हैं और जंतर-मंतर पर भी छात्रों के आंदोलन के दौरान उनके बीच पहुंचे थे। प्रदर्शनकारी ने सवाल किया कि राहुल गांधी झारखंड के छात्रों के आंदोलन में शामिल होने के लिए यहां क्यों नहीं आ रहे हैं। उसने कहा कि छात्र अब सामूहिक रूप से भूख हड़ताल करने का फैसला कर चुके हैं और राहुल गांधी के झारखंड आने का इंतजार करेंगे, ताकि उन्हें छात्रों की समस्याओं और कथित पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी जा सके।
 

 

नौवें दिन की भूख हड़ताल के बीच छात्र ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

एक अन्य छात्र प्रदर्शनकारी ने कहा कि छात्र शांतिपूर्वक बैठे हुए थे, इसके बावजूद उन्हें डराने और धमकाने की कोशिश की गई। उनके खिलाफ कई तरह के हथकंडे अपनाए गए। हम इसलिए प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि सरकार हमारी बात नहीं सुन रही है। अगर सरकार हमारी बात नहीं सुनेगी तो हम बताएं कि उसे अपनी बात सुनाने का रास्ता क्या है? क्या सरकार तभी समझेगी, जब ये युवा बंदूक उठाने पर मजबूर हो जाएंगे?”

‘छात्र शांत बैठे थे, फिर डराने की कोशिश की गई’

प्रदर्शनकारी ने दावा किया कि पुलिस ने लगातार लाठीचार्ज नहीं किया, लेकिन पुलिस की आक्रामक कार्रवाई से छात्र डर गए और वहां से भागने लगे। उसने आरोप लगाया कि जब छात्र शांतिपूर्वक बैठे थे, तब भी उन्हें डराने और दबाव बनाने की कोशिश की गई। उसने कहा कि छात्र इसलिए आंदोलन कर रहे हैं क्योंकि सरकार उनकी मांगों को नहीं सुन रही है। प्रदर्शनकारी ने सवाल उठाया कि अगर सरकार बातचीत के लिए तैयार नहीं है तो छात्र अपनी बात किस तरीके से सरकार तक पहुंचाएं।

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