संवैधानिक प्रक्रिया के तहत एल. खियांगते का इस्तीफा राज्यपाल की स्वीकृति के बाद प्रभावी होगा। इसके बाद आयोग के नए अध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। फिलहाल सरकार या राजभवन की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
झारखंड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एल. खियांगते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि, उनके इस्तीफे के कारणों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
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मंगलवार को सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने जेपीएससी कार्यालय में अचानक छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पूरे कार्यालय परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू की गई, जिससे कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच अफरातफरी का माहौल बन गया। जांच एजेंसियों ने कार्यालय में मौजूद महत्वपूर्ण दस्तावेजों, फाइलों और अन्य अभिलेखों की बारीकी से जांच की। साथ ही कई अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ भी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से जेपीएससी की कार्यप्रणाली, भर्ती प्रक्रियाओं और कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। विपक्षी दलों के साथ-साथ विभिन्न छात्र संगठनों ने आयोग की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हुए कई बार विरोध-प्रदर्शन भी किया था। ऐसे समय में अध्यक्ष का इस्तीफा सामने आने से इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संवैधानिक प्रक्रिया के तहत एल. खियांगते का इस्तीफा राज्यपाल की स्वीकृति के बाद प्रभावी होगा। इसके बाद आयोग के नए अध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। फिलहाल सरकार या राजभवन की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इधर, इस्तीफे की खबर के बाद प्रतियोगी छात्रों और विभिन्न संगठनों की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिक गई हैं। माना जा रहा है कि जेपीएससी की लंबित परीक्षाओं, भर्ती प्रक्रियाओं और जांच से जुड़े मामलों पर सरकार जल्द कोई महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है। पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक दलों, अभ्यर्थियों और आम जनता की नजर बनी हुई है।