फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jharkhand: छात्राओं को हिरासत में लेने पर गरमाई सियासत, बाबूलाल बोले- डर पैदा करना चाहती है सरकार

Sun, 23 Aug 2026 08:05 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

झारखंड में छात्र आंदोलन को लेकर रांची और गिरिडीह में माहौल गरमा गया है। रांची में छात्रा अमीषा प्रसाद को हिरासत में लिए जाने पर मेयर रोशनी खलखो और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सरकार पर छात्र आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
बाबूलाल मरांडी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

झारखंड में छात्र आंदोलन को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। रांची में एक छात्रा को हिरासत में लिए जाने के बाद विपक्षी नेताओं ने सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि छात्रा के खिलाफ पहले से मामले दर्ज हैं और इसी आधार पर कार्रवाई की गई है। उधर, गिरिडीह में प्रदर्शन को लेकर प्रशासन ने साफ किया है कि आंदोलन की अनुमति नहीं है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

छात्रा को हिरासत में लेने पर मेयर ने उठाए सवाल

रांची की मेयर रोशनी खलखो ने छात्रा को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि वे करीब तीन-चार घंटे से मौके पर मौजूद हैं। शुरुआत में उन्हें भी यह जानकारी नहीं थी कि आखिर मामला क्या है। प्रदर्शन शुरू करने के बाद पुलिस की ओर से बताया गया कि छात्रा के खिलाफ पहले से एक मामला दर्ज है।

विज्ञापन


मेयर ने सवाल किया कि अगर छात्रा के खिलाफ पहले से कोई मामला था तो उसे नोटिस क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रावास में रहने वाली एक लड़की को उसके कमरे से उठाने के लिए तीन-चार गाड़ियों में पुलिस बल भेजा गया और उसे चार-पांच घंटे तक थाने में रखा गया। उन्होंने कहा कि इससे छात्रा की मानसिक स्थिति पर क्या असर पड़ा होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। रोशनी खलखो ने आरोप लगाया कि सरकार छात्र आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उनका दावा है कि आंदोलन में शामिल छात्रों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है और उनके खिलाफ मामले दर्ज कर उनका मनोबल तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

'सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को चुप कराया जा रहा'

मेयर ने कहा कि छात्रा ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया था और इसी वजह से उसे हिरासत में लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को चुप कराने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि अगर मामला सदर थाना क्षेत्र का था तो छात्रा को सदर थाना क्यों नहीं ले जाया गया। उसे कोतवाली थाने क्यों लाया गया। रोशनी खलखो ने आरोप लगाया कि छात्रा को पीछे के रास्ते से चुपचाप ले जाया गया और इस दौरान नेताओं को इसकी जानकारी नहीं दी गई।

बाबूलाल मरांडी बोले- लड़कियों में डर पैदा करने की कोशिश

झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी छात्राओं को हिरासत में लिए जाने पर सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि लड़कियों के बीच डर और भय का माहौल बनाने के लिए उन्हें पकड़ा गया और थाने लाया गया।

विज्ञापन

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि नेताओं को हिरासत में ली गई छात्राओं से मिलने तक नहीं दिया गया। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे छात्र आंदोलन को दबाने की कोशिश बताया।

पुलिस बोली- छात्रा पर पहले से दर्ज हैं मामले

वहीं रांची के सदर थाना प्रभारी कुलदीप कुमार ने छात्रा अमीषा प्रसाद के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर पुलिस का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि सदर थाने में दर्ज मामला सैमफोर्ड अस्पताल में तोड़फोड़ से जुड़ा है। इस मामले में अमीषा प्रसाद के खिलाफ दो केस दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, अमीषा प्रसाद को केस नंबर 250/26 समेत अन्य मामले में आरोपी बनाया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि वह इन मामलों में पहले ही जमानत हासिल कर चुकी हैं। पुलिस का कहना है कि छात्रा के खिलाफ दर्ज मामलों और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।

गिरिडीह में प्रदर्शन को लेकर प्रशासन अलर्ट

उधर, गिरिडीह में भी छात्र आंदोलन को लेकर प्रशासन सतर्क है। एसडीएम धीरेंद्र कुमार ने कहा कि प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रख रहा है और आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन किया जा रहा है, लेकिन इस आंदोलन के लिए प्रशासन की ओर से कोई अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की टीम पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रही है और स्थिति के अनुसार आगे कदम उठाया जाएगा। इस पूरे मामले को लेकर झारखंड में छात्र आंदोलन और सरकार के बीच टकराव बढ़ता दिख रहा है। एक तरफ विपक्ष और आंदोलन से जुड़े लोग पुलिस कार्रवाई को छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश बता रहे हैं, वहीं पुलिस का कहना है कि कार्रवाई पहले से दर्ज मामलों के आधार पर की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें