झारखंड सरकार ने राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राष्ट्रीय हितधारक परामर्श (नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन) के समापन सत्र में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 14 सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों के जरिए राज्य में 99,639 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है। सरकार का दावा है कि इससे उद्योग, डिजिटल परिवर्तन, पर्यटन और रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी।
उद्योग विभाग के तहत देश की प्रमुख कंपनियों के साथ निवेश समझौते किए गए हैं। इनमें जिंदल स्टील लिमिटेड की ओर से 40,000 करोड़ रुपये और जिंदल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से 30,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं। सरकार के अनुसार, ये निवेश झारखंड की औद्योगिक क्षमता और निवेशकों के बढ़ते भरोसे का संकेत हैं।
सभी एमओयू मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में संपन्न हुए। इस दौरान मंत्री दीपिका पांडेय, संजय प्रसाद यादव, सुदिव्य कुमार, इरफान अंसारी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, उद्योग विभाग और पर्यटन विभाग के सचिवों तथा संबंधित कंपनियों के अधिकृत प्रतिनिधियों ने समझौतों पर हस्ताक्षर किए