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Jharkhand: अब प्रदेश में अनाधिकृत मकानों को नियमित कराने का मौका, ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च; दो महीने में करें आवेदन

Thu, 14 May 2026 04:43 PM IST
झारखंड ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

रांची में झारखंड सरकार ने अनाधिकृत भवन नियमितीकरण नियमावली-2026 के तहत ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया। अब G+2 और 300 वर्गफीट तक बने अनियमित मकानों का ऑनलाइन आवेदन से नियमितीकरण होगा। सरकार ने दो महीने की समयसीमा और तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा दी है।

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हेमन्त सोरेन सरकार की बड़ी राहत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रांची में झारखंड सरकार ने अनाधिकृत रूप से बने मकानों को नियमित करने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए “झारखंड अनाधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली-2026” के तहत ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च कर दिया। नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन से पोर्टल का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य के हजारों लोगों को अब अपने अनियमित मकानों को वैध कराने का अवसर मिलेगा।

मंत्री ने कहा कि कई लोगों ने बिना नक्शा पास कराए या मास्टर प्लान के अनुरूप निर्माण नहीं कराया था, जिसके कारण वे लगातार चिंता में थे। सरकार अब ऐसे लोगों को राहत देने के उद्देश्य से यह योजना लेकर आई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल और इच्छाशक्ति के कारण यह नियमावली तैयार हो सकी। लंबे समय तक विभागीय स्तर पर काम करने के बाद अब इसे ऑनलाइन पोर्टल के जरिए लागू किया गया है।

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सरकार के अनुसार इस योजना के तहत केवल G+2 और 300 वर्गफीट तक बने मकानों का ही नियमितीकरण किया जाएगा। आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होगा और लोगों को पोर्टल पर जाकर दो महीने के भीतर आवेदन करना होगा। अधिकारियों ने बताया कि आवेदन मिलने के बाद छह महीने के अंदर नियमितीकरण पर फैसला लिया जाएगा।

सुदिव्य कुमार ने कहा कि भवन नियमितीकरण का उद्देश्य अनियमित निर्माण को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि उन लोगों को एक मौका देना है जिन्होंने जानकारी के अभाव या अन्य कारणों से बिना अनुमति मकान बना लिया। उन्होंने बताया कि नियमों को सरल और लिबरल बनाया गया है ताकि आम लोगों को परेशानी न हो। साथ ही नियमितीकरण शुल्क को तीन किस्तों में जमा करने की सुविधा भी दी गई है, जिससे आर्थिक बोझ कम होगा।

कार्यक्रम में मौजूद प्रधान सचिव सुनील कुमार ने कहा कि सरकार राज्य में व्यवस्थित शहरीकरण पर गंभीरता से काम कर रही है। रांची में कई फ्लाईओवर तैयार हो चुके हैं जबकि नए फ्लाईओवरों की स्वीकृति भी मिल चुकी है। जमशेदपुर और धनबाद में भी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि शहरों का विकास योजनाबद्ध तरीके से हो और सड़क, फुटपाथ, नाली, बस स्टैंड जैसी बुनियादी सुविधाएं व्यवस्थित हों। इस दौरान सूडा निदेशक सूरज कुमार ने पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में नगर विकास विभाग और राज्य शहरी विकास अभिकरण के कई अधिकारी मौजूद रहे।

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