झारखंड में शहरी निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने चुनाव प्रक्रिया को सफल बताते हुए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की है। पार्टी ने झामुमो समर्थित एक तिहाई बहुमत मिलने का दावा भी किया। वहीं विपक्ष की ओर से चुनाव व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिससे राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
झामुमो का दावा और पार्टी की प्रतिक्रिया
पार्टी के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रेसवार्ता में कहा कि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी जनता के लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि ओबीसी आरक्षण से जुड़े ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी करने के बाद चुनाव कराना सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।
मामूली विवाद और प्रशासन की सतर्कता
भट्टाचार्य ने स्वीकार किया कि कुछ शहरी क्षेत्रों में मामूली नोकझोंक की घटनाएं सामने आईं, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान कुछ लोग व्यवधान उत्पन्न करने की कोशिश कर रहे थे, हालांकि प्रशासन की सतर्कता से स्थिति सामान्य रही।
बैलेट पेपर और ईवीएम पर मतभेद
बैलेट पेपर से मतदान को लेकर भट्टाचार्य ने कहा कि दुनिया के कई देशों में आज भी इस प्रणाली का उपयोग होता है और इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है। वहीं विपक्षी दलों का मानना है कि ईवीएम से मतदान अधिक तेज और सुविधाजनक होता है। झामुमो नेता ने मतदाताओं के प्रति आभार जताया और कहा कि गठबंधन दलों को इस चुनाव में भी जनता का समर्थन मिलने की उम्मीद है। उन्होंने विश्वास जताया कि चुनाव परिणाम आने पर पार्टी को मजबूत जनसमर्थन प्राप्त होगा।