झारखंड में आयोजित नगर निकाय चुनाव के दौरान कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को हुई परेशानियों को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली। मतदान करने पहुंचे कई वोटरों ने व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताते हुए बैलेट पेपर से मतदान प्रणाली पर सवाल उठाए। मतदाताओं का कहना था कि आधुनिक दौर में भी बैलेट पेपर से मतदान कराने के कारण प्रक्रिया काफी धीमी रही। कई केंद्रों पर लंबी कतारें लग गईं। कुछ लोग सुबह से ही लाइन में खड़े रहे, लेकिन मतदान की धीमी गति के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा। कुछ मतदाताओं ने यह भी शिकायत की कि मतदान केंद्र पर पहुंचने के बाद मतदाता सूची में उनका नाम नहीं मिला, जिससे उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
ईवीएम की आवश्यकता पर जोर
कतार में खड़े मतदाताओं ने कहा कि यदि ईवीएम के माध्यम से मतदान कराया जाता तो प्रक्रिया अधिक तेज और व्यवस्थित होती। उनका मानना था कि बैलेट पेपर प्रणाली में समय अधिक लगता है और इससे अव्यवस्था की स्थिति भी बनती है। कई लोगों ने यह भी आशंका जताई कि बैलेट पेपर से मतदान में गड़बड़ी की संभावना बढ़ जाती है। मतदान केंद्रों पर मौजूद आर.के. प्रसाद, मनोज कुमार, संगीत तिर्की, मंजु देवी, अनीता कच्छप, सरोज कच्छप और पूजा कुमारी सहित कई मतदाताओं ने कहा कि ईवीएम से मतदान अधिक सुविधाजनक और समय बचाने वाला होता है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
प्रशासन ने मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने का दावा किया है। प्रशासन ने मतदाताओं से सहयोग और धैर्य बनाए रखने की अपील भी की है।