झारखंड सरकार की ओर से गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का उद्घाटन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य के लिए इस बार मजबूत, संतुलित और बहुआयामी बजट की आवश्यकता है, जो झारखंड जैसे युवा राज्य की संभावनाओं को आकार दे सके।
संतुलित और समावेशी बजट पर मुख्यमंत्री का जोर
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि बजट ऐसा होना चाहिए, जिसमें जन आकांक्षाएं स्पष्ट रूप से परिलक्षित हों और विकास को भी गति मिले। उन्होंने कहा कि बजट समावेशी और व्यापक हो, ताकि राज्य का हर वर्ग और हर क्षेत्र पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ सके।
लगभग एक लाख करोड़ रुपये का हो सकता है आगामी बजट
मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी बजट लगभग एक लाख करोड़ रुपये के होने का अनुमान है और आने वाले वर्षों में बजट की राशि में और वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि ऐसे में राजस्व संग्रहण बढ़ाने की दिशा में ठोस प्रयास आवश्यक हैं, ताकि विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में धन की कमी न हो।
जनभागीदारी से बेहतर बजट की परिकल्पना
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का बजट और बेहतर बने, इसके लिए आम लोगों की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकार इस दिशा में जनता से लगातार सुझाव ले रही है। उनका मानना है कि लोगों की भागीदारी से ही झारखंड के लिए संतुलित और विकास आधारित बजट तैयार किया जा सकता है।
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दावोस और लंदन दौरे के अनुभवों का किया उल्लेख
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने हालिया दावोस और लंदन दौरे की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि विश्व आर्थिक मंच की बैठक और विदेश यात्रा के दौरान अन्य देशों की नीतियों, समृद्ध अर्थव्यवस्था, लोगों की जीवन और कार्यशैली तथा परंपरा और संस्कृति को करीब से देखने और समझने का अवसर मिला। इन अनुभवों के आधार पर राज्य को नई दिशा देने का प्रयास किया जाएगा।
वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी रहे मौजूद
अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव प्रशांत कुमार, सचिव संसाधन वित्त अमित कुमार, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अमरेंद्र प्रताप सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।