झारखंड में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और परिवहन संचालन लागत में इजाफे के बाद बस किराये में 18 प्रतिशत की वृद्धि कर दी गई है। नई दरों के तहत रांची से धनबाद का किराया 425 रुपये हो गया है, जबकि पटना, दरभंगा, चाईबासा समेत कई रूटों पर भी किराया बढ़ाया गया है।
झारखंड में बस यात्रियों को अब अधिक किराया चुकाना होगा। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और परिवहन संचालन लागत में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बाद राज्य में बस किराये में 18 प्रतिशत की वृद्धि कर दी गई है। झारखंड बस ऑनर्स एसोसिएशन की ओर से राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजे जाने के बाद नई दरों को लागू कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत रांची से धनबाद का बस किराया बढ़कर 425 रुपये हो गया है। इसके अलावा रांची से पटना, दरभंगा, चाईबासा और अन्य कई रूटों पर भी बस किराये में वृद्धि की गई है।
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बस संचालकों और चैंबर की बैठक में लिया गया फैसला
फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की बस परिवहन उपसमिति की बैठक में किराया बढ़ाने का निर्णय लिया गया। बैठक में रांची, गुमला, सिमडेगा, खूंटी और लोहरदगा बस ऑनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान बस संचालकों ने राज्य परिवहन प्राधिकार द्वारा पिछले करीब 18 महीनों से बस परमिट नवीनीकरण और वाहनों के प्रतिस्थापन की प्रक्रिया बंद रहने पर भी चिंता जताई। उन्होंने सरकार से इस प्रक्रिया को जल्द शुरू करने की मांग की।
पांच साल बाद बढ़ा बस किराया
खूंटी बस ऑनर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अरुण कुमार साबू ने बताया कि वर्ष 2020 के बाद पहली बार बस किराये में बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बसों के कल-पुर्जों, रखरखाव और संचालन खर्च में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई है। इसके बावजूद यात्रियों के हितों को ध्यान में रखते हुए केवल 18 प्रतिशत किराया बढ़ाया गया है।
बैठक में बस स्टैंडों की खराब स्थिति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। बस संचालकों ने कहा कि अधिकांश बस पड़ावों पर यात्रियों के लिए पेयजल, शौचालय, बैठने की उचित व्यवस्था और एटीएम जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने यह भी बताया कि लंबी दूरी की बसों के चालकों के लिए विश्राम कक्ष, व्यवस्थित पार्किंग और यात्री काउंटर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं, जिससे यात्रियों और बस कर्मचारियों दोनों को परेशानी होती है।
बस ऑनर्स एसोसिएशन ने परिवहन विभाग और राज्य सरकार से बस स्टैंडों की आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने और परिवहन व्यवस्था में व्यापक सुधार करने की मांग की है। संचालकों का कहना है कि यदि बुनियादी सुविधाओं में सुधार किया जाता है, तो यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी अधिक प्रभावी बन सकेगी।