दिल्ली से विशेषज्ञों की टीम चतरा पहुंच रही
हादसे की फोरेंसिक जांच के लिए दिल्ली से विशेषज्ञों की टीम चतरा पहुंच रही है। एहतियातन पुलिस और प्रशासन ने दुर्घटनास्थल को घेरकर जांच शुरू कर दी है। मौके पर उपायुक्त कीर्ति जी, पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल, अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, सिमरिया एसडीओ महेश्वरी यादव सहित कई प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल और अर्द्धसैनिक बल के जवान तैनात हैं। कड़ी सुरक्षा के बीच सभी शवों को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, चतरा भेजा गया।
पढ़ें: रांची से उड़ी जिंदगी की उड़ान सिमरिया के जंगल में खामोश, कैसे टूटा था संपर्क?
एटीसी से अचानक संपर्क टूट गया
जानकारी के अनुसार रेड बर्ड एविएशन कंपनी की एयर एम्बुलेंस रांची से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे सिमरिया थाना क्षेत्र के करमाटांड़ जंगल के पास विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से अचानक संपर्क टूट गया। इसके बाद विमान अनियंत्रित होकर क्रैश हो गया। संपर्क टूटते ही विमानन अधिकारियों ने हाई अलर्ट जारी कर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। रडार लोकेशन के आधार पर प्रशासन और ग्रामीणों ने रातभर खोज अभियान चलाया।
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार विमान में दो पायलट कैप्टन विवेक विकास भगत और कैप्टन स्वरजदीप सिंह, मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी अर्चना देवी, रिश्तेदार धीरू कुमार, डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता और पैरामेडिकल स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा सवार थे। चतरा सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. पंकज ने सभी सात लोगों की मौत की पुष्टि की है।
बताया गया कि लातेहार जिले के चंदवा निवासी 41 वर्षीय संजय कुमार 55 प्रतिशत झुलसने के बाद बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाए जा रहे थे। हादसे के समय इलाके में तेज हवा, बिजली की कड़कड़ाहट और मूसलाधार बारिश हो रही थी। प्रारंभिक आशंका है कि खराब मौसम भी दुर्घटना का एक कारण हो सकता है। घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। भाजपा नेता विद्यासागर आर्य ने हादसे पर शोक जताते हुए राज्य सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की है।