रामगढ़ जिले के कुजू नया मोड़-आरा मार्ग पर स्थित श्रीराम पावर एंड स्टील प्लांट में शनिवार की देर शाम बड़ा हादसा हो गया। प्लांट के फर्नेस में अचानक तेज धमाका होने से तीन कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद कारखाना परिसर में अफरातफरी जैसी स्थिति बन गई। संयंत्र प्रबंधन ने सभी घायल कर्मियों को तुरंत इलाज के लिए पास के नर्सिंग होम में भर्ती कराया है। चिकित्सकों के अनुसार घायलों में से एक कर्मचारी की हालत काफी चिंताजनक बनी हुई है।
लोहे को पिघलाते समय हुआ भीषण विस्फोट
संयंत्र में शनिवार की शाम स्पंज मेल्टिंग और लोहे के अयस्क को पिघलाने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक भट्टी के निचले हिस्से में जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास काम कर रहे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। राहत की बात यह रही कि विस्फोट फर्नेस के केवल निचले हिस्से में हुआ, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। घटना की सूचना मिलते ही कुजू पुलिस चौकी के सहायक निरीक्षक अरविंद सिंह ने पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मामले की जांच शुरू कर दी।
दुर्घटना में झुलसे कर्मचारियों की हुई पहचान
भट्टी में हुए विस्फोट की चपेट में आने से झुलसे तीनों कर्मियों की पहचान प्रबंधन और पुलिस ने कर ली है। घायलों में बिहार के मोतिहारी जिला अंतर्गत अदापार गांव निवासी 18 वर्षीय फिटर बिट्टू कुमार (पिता गुंजन साव) और नेपाल के सरलाही क्षेत्र निवासी 24 वर्षीय क्रेन ऑपरेटर जयनंदन यादव शामिल हैं। इसके अलावा अरगड्डा क्षेत्र के रहने वाले 31 वर्षीय मेल्टर राहुल कुमार (पिता स्वर्गीय सुरेश सिंह) भी इस हादसे में गंभीर रूप से झुलस गए हैं। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार अस्पताल में उपचाराधीन राहुल कुमार की शारीरिक स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी से बार-बार हादसे
श्रीराम पावर एंड स्टील प्लांट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण पूर्व में भी कई जानलेवा हादसे हो चुके हैं। इससे पहले 22 सितंबर, 2025 को हुई दुर्घटना में दो मजदूरों की मौत हो गई थी। वहीं बीते 9 अगस्त को भी फर्नेस में विस्फोट होने से तीन कर्मचारियों की जान चली गई थी। लगातार हो रही इन गंभीर दुर्घटनाओं ने संयंत्र प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित विभागों की प्रशासनिक निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय श्रमिकों ने संयंत्र में कड़े सुरक्षा इंतजाम लागू करने की मांग उठाई है।