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झारखंड: दिवाली से पहले 66.87 लाख गरीब परिवारों को मिलेगी वस्त्रों की सौगात, चार जिलों में वितरण कार्य शुरू

Tue, 03 Nov 2026 07:11 AM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

झारखंड सरकार सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना के तहत दिवाली से पहले 66.87 लाख गरीब परिवारों को वस्त्र उपलब्ध कराएगी। चतरा, गोड्डा, जामताड़ा और लातेहार में वितरण शुरू हो चुका है। पात्र परिवारों को साड़ी के साथ धोती या लुंगी रियायती दरों पर मिलेगी। वितरण से पहले कपड़ों की गुणवत्ता जांच अनिवार्य की गई है।
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झारखंड सरकार 66.87 लाख गरीब परिवारों को वस्त्र उपलब्ध कराएगी। - फोटो : AI Image
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विस्तार
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राज्य सरकार दिवाली से ठीक पहले गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी सौगात दे रही है। सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में 66.87 लाख निर्धन परिवारों के बीच वस्त्रों का वितरण किया जाएगा। राज्य प्रशासन ने चतरा, गोड्डा, जामताड़ा और लातेहार जिलों में धोती, साड़ी और लुंगी का वितरण औपचारिक रूप से शुरू कर दिया है। शुरुआती दो दिनों के भीतर ही लगभग 900 लाभुकों ने इस योजना का लाभ प्राप्त कर लिया है। वहीं राज्य के अन्य सभी शेष जिलों में भी वस्त्र वितरण की तैयारियां अंतिम दौर में हैं।
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चार जिलों में वितरण कार्य की शुरुआत
योजना के तहत मिलने वाला यह लाभ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के दायरे में आने वाले प्रत्येक परिवार को प्राप्त होगा। इसके अंतर्गत पात्र लाभुक परिवारों को बेहद किफायती दरों पर एक साड़ी और एक धोती या लुंगी प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तथा द्वितीय छमाही के लिए वस्त्र आपूर्ति का जिम्मा मेसर्स मफतलाल इंडस्ट्रीज लिमिटेड को सौंपा है। यह एजेंसी तय समय पर निर्धारित प्रखंड केंद्रों तक वस्त्रों का स्टॉक पहुंचा रही है।
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वस्त्रों की गुणवत्ता जांच के सख्त नियम
वितरण के लिए मिलने वाले कपड़ों की गुणवत्ता को परखने के लिए शासन ने अत्यंत कड़े मानक तय किए हैं। तय नियमों के अनुसार, वस्त्रों की शत-प्रतिशत खेप प्राप्त होने के 48 घंटे के भीतर संबंधित प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को रैंडम आधार पर सैंपल की जांच करानी होगी। गुणवत्ता की जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वस्त्रों का वितरण आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि सभी गरीब परिवारों तक मानक के अनुरूप वस्त्र पहुंच सकें।
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