पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद
- फोटो : Facebook- Yogendra Prasad
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की ओर से दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय विभागीय शिखर सम्मेलन में झारखंड ने जल जीवन मिशन के तहत करीब 6,500 करोड़ रुपये की अपनी बकाया राशि तुरंत जारी करने की मांग की। सम्मेलन में राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद और जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन शामिल हुए। पेयजल मंत्री ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के समक्ष वित्तीय सहायता और रुकी हुई राशि के भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
अधर में पेयजल योजनाएं
राज्य सरकार के अनुसार, पहाड़ी और जंगलों से घिरे झारखंड में हर घर तक नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना एक बड़ी चुनौती है। केंद्र से समय पर राशि का बंटवारा न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कई महत्वाकांक्षी पेयजल योजनाएं अधर में लटकी हुई हैं। मंत्री ने जोर देकर कहा कि यदि बकाया राशि का भुगतान जल्द हो जाता है, तो अधूरी योजनाओं को तेजी से पूरा करके राज्य की पूरी ग्रामीण आबादी को 100 फीसदी शुद्ध पेयजल आपूर्ति उपलब्ध कराई जा सकेगी।
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जल स्रोतों की स्थिरता पर बल
सम्मेलन में मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि केवल पाइपलाइन बिछाने के बजाय जल स्रोतों की दीर्घकालिक स्थिरता, योजनाओं के संचालन और रखरखाव पर ध्यान देना भी महत्वपूर्ण है। इसके लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय और पर्याप्त वित्तीय सहयोग आवश्यक है। बैठक में 'कैच द रेन', जल संचय में जनभागीदारी और जल जीवन मिशन 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई। प्रसाद ने कहा कि 'राज्य के हर परिवार तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना सरकार का प्राथमिक लक्ष्य है। इसे पूरा करने के लिए स्पष्ट निर्णय, पर्याप्त संसाधन और बेहतर तालमेल की जरूरत है।'