बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाले के एक मामले में 25 साल से अधिक समय से फरार चल रहे आरोपी सत्येंद्र कुमार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई की रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) की टीम ने उसे लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन से पकड़ा। आरोपी मध्य प्रदेश के गुना से लखनऊ जा रही ट्रेन में यात्रा कर रहा था। सीबीआई ने उसकी गतिविधियों पर नेपाल से भारत तक नजर रखी थी। गिरफ्तारी के बाद रेलवे पुलिस (जीआरपी) के साथ कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे रांची लाया गया है, जहां उसे सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा।
नेपाल में होने की मिली थी जानकारी
सीबीआई के जांचकर्ताओं ने आरोपी का पता लगाने के लिए भौतिक निगरानी, तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी का सहारा लिया। जांच के दौरान उसके नेपाल में होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद अधिकारियों को सूचना मिली कि उसने हाल ही में भारत में प्रवेश किया है।
सीबीआई के एक प्रवक्ता के अनुसार, विशिष्ट खुफिया जानकारी मिली थी कि आरोपी 22 अक्टूबर 2026 को गुना से लखनऊ जा रही ट्रेन में यात्रा कर रहा है। इसके बाद उसे गिरफ्तार करने के लिए सीबीआई की एक विशेष टीम गठित की गई।
ट्रेन पहुंचने से पहले चारबाग स्टेशन पर तैनात थे अधिकारी
सीबीआई की टीम ने कार्रवाई की तैयारी पहले ही कर ली थी। ट्रेन के लखनऊ पहुंचने से पहले अधिकारियों को चारबाग रेलवे स्टेशन पर तैनात कर दिया गया। इसके बाद 22 अक्टूबर की आधी रात के आसपास आरोपी सत्येंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। सीबीआई की रांची टीम ने गिरफ्तारी के बाद चारबाग स्टेशन के जीआरपी थाना प्रभारी को इसकी सूचना दी और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। सीबीआई के अनुसार, आरोपी को सक्षम अदालत में पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड पर झारखंड के रांची लाया गया है। रांची की विशेष अदालत ने चारा घोटाले के मामले में उसके खिलाफ वारंट जारी किया हुआ था।
क्या है चारा घोटाला?
चारा घोटाला बिहार के सबसे चर्चित वित्तीय घोटालों में से एक है। वर्ष 1985 से 1995 के बीच अविभाजित बिहार के कई जिलों में सरकारी खजाने से फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपये निकाले जाने का मामला सामने आया था। इस घोटाले से जुड़े कुल 64 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें से 53 मामलों की सुनवाई रांची में हुई।