मंत्री राधाकृष्ण किशोर की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी
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नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन में झारखंड सरकार के कई मंत्री शामिल हुए, लेकिन राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही। खास बात यह रही कि वित्त मंत्री कार्यक्रम के दौरान दिल्ली में ही मौजूद थे, इसके बावजूद उन्होंने इस महत्वपूर्ण आयोजन में भाग नहीं लिया।
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कोई निमंत्रण नहीं मिला
इस संबंध में जब वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर से सवाल किया गया तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कोई निमंत्रण नहीं मिला था। उनके अनुसार, जब औपचारिक आमंत्रण ही नहीं मिला, तो कार्यक्रम में शामिल होने का प्रश्न ही नहीं उठता। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
वित्त मंत्री की अनुपस्थिति केवल संयोग नहीं
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वित्त मंत्री की अनुपस्थिति केवल संयोग नहीं हो सकती। कुछ जानकार इसे कांग्रेस और झारखंड सरकार के बीच संभावित मतभेदों से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं, यह भी चर्चा है कि हाल के दिनों में सरकार को लेकर वित्त मंत्री द्वारा दिए गए कुछ बयानों को सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने गंभीरता से लिया है। हालांकि, इन दावों की अब तक किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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फेरबदल को लेकर भी अटकलें
राजनीतिक हलकों में मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। चर्चा है कि कांग्रेस कोटे के कुछ मंत्रियों के विभागों या उनकी भूमिका में बदलाव हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में न तो मुख्यमंत्री कार्यालय, न झामुमो और न ही कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। ऐसे में वित्त मंत्री की अनुपस्थिति और उनके बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि दिल्ली से लौटने के बाद सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या मंत्रिमंडल में किसी प्रकार का बदलाव किया जाता है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक चर्चाओं का दौर जारी है।