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Rajasthan: घर बैठे भरें जनगणना फॉर्म! 1 मई से शुरू होगी स्व-गणना, नहीं किया तो रह जाएंगे बड़ी योजना से बाहर

Wed, 29 Apr 2026 12:55 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Rajasthan: राजस्थान में 1 मई से 15 मई 2026 तक स्व-गणना प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके तहत नागरिक ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज करेंगे। इसके बाद 16 मई से 14 जून तक गणनाकर्मी घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सफल बनाने के लिए नागरिकों से सहयोग की अपील की है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान में आगामी जनगणना प्रक्रिया को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा है कि 1 मई से 15 मई 2026 तक स्व-गणना पोर्टल पर जाकर नागरिक अपने और अपने परिवार की सटीक जानकारी दर्ज करें। यह प्रक्रिया जनगणना को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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जनगणना का महत्व
राज्यपाल ने बताया कि जनगणना केवल जनसंख्या की गिनती नहीं है, बल्कि यह देश का सामाजिक और आर्थिक दस्तावेज तैयार करने का आधार है। इसमें शिक्षा, रोजगार, लिंग अनुपात और जातिगत आंकड़ों जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होती हैं, जो भविष्य की नीतियों और योजनाओं के निर्माण में सहायक होती हैं।

घर-घर होगी गणना
उन्होंने कहा कि 16 मई से 14 जून 2026 तक गणनाकर्मी घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। इस दौरान पहले चरण में मोबाइल ऐप के माध्यम से मकानों की सूची, सुविधाओं और संपत्तियों से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी। नागरिकों से अपेक्षा की गई है कि वे गणनाकर्मियों को सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं।
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मुख्यमंत्री की अपील
इसी क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी प्रदेशवासियों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि राजस्थान क्षेत्रफल के हिसाब से देश का सबसे बड़ा राज्य है, ऐसे में गणनाकर्मियों को लंबी दूरी तय कर प्रत्येक घर तक पहुंचना होगा। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे राजस्थान की अतिथि सत्कार की परंपरा निभाते हुए गणनाकर्मियों का सहयोग करें।

विकास के लिए जरूरी कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दी गई सटीक जानकारी ही भविष्य में ‘विकसित राजस्थान’ और ‘विकसित भारत’ की नींव बनेगी। उन्होंने नागरिकों को स्व-गणना के लिए आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in का उपयोग करने की सलाह दी।
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डिजिटल प्रक्रिया से सुविधा
सरकार का मानना है कि डिजिटल माध्यम से स्व-गणना प्रक्रिया नागरिकों को सुविधा प्रदान करेगी और डेटा संग्रहण को अधिक सटीक बनाएगी। यह पहल जनभागीदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों को भी सरल बनाएगी।

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