झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन बुधवार को सदन में प्रस्तुत बजट को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक देखने को मिली। सत्तापक्ष ने बजट को जनहितकारी और विकासोन्मुखी बताया, जबकि विपक्ष ने इसे पूरी तरह भ्रामक और 'झूठ का पुलिंदा' करार दिया। हालांकि सदन के भीतर और बाहर विपक्ष की ओर से कोई बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को नहीं मिला।
सत्ता पक्ष ने बताया ने बजट को बताया जन-उपयोगी
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले मीडिया से बातचीत में कांग्रेस विधायक सुरेश बैठा ने बजट को जन-उपयोगी बताते हुए कहा कि इसमें समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखा गया है। उन्होंने विशेष रूप से मंईयां सम्मान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और महिला कल्याण के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने कहा कि बजट दूरदर्शिता के साथ तैयार किया गया है और विपक्ष इसे समझ नहीं पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रिम्स-2 के निर्माण में भाजपा बाधा डाल रही है, जिससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नुकसान हो रहा है।
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने दिल्ली में आयोजित एआई सम्मेलन के दौरान यूथ कांग्रेस नेताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार की निंदा करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। वहीं मंत्री शुद्धिव्य कुमार सोनू ने एयर एंबुलेंस क्रैश मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया।
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'बजट केवल कागजी योजनाओं का दस्तावेज'
विपक्ष की ओर से मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने नगर निकाय चुनाव में धांधली और रिम्स के बर्न वार्ड की बदहाल स्थिति को लेकर सरकार को घेरा। भाजपा विधायक शत्रुघ्न महतो ने सरकार पर जनता के पैसे के दुरुपयोग का आरोप लगाया, जबकि अमित यादव और आजसू विधायक तिवारी महतो ने बजट को केवल कागजी योजनाओं का दस्तावेज बताया।