स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि टेली-आईसीयू, टेली-रेडियोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के माध्यम से सुदूर ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों के मरीजों तक विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि तकनीक डॉक्टरों का विकल्प नहीं, बल्कि उनकी क्षमता और पहुंच को बढ़ाने का माध्यम होगी।
झारखंड डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव-2026 के दो दिवसीय आयोजन का गुरुवार को समापन हो गया। समापन समारोह में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि यह कॉन्क्लेव केवल दो दिनों का आयोजन नहीं, बल्कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक, डिजिटल और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में नई शुरुआत है। सरकार का लक्ष्य तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच गांव-गांव तक सुनिश्चित करना है।
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उन्होंने कहा कि झारखंड दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर हाईटेक तकनीक को अपनाएगा। राज्य के पीएचसी, सीएचसी, रेफरल अस्पताल, सदर अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। आईसीयू, वेंटिलेटर, एमआरआई, सीटी स्कैन और रेडियोलॉजी जैसी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि टेली-आईसीयू, टेली-रेडियोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के माध्यम से सुदूर ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों के मरीजों तक विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि तकनीक डॉक्टरों का विकल्प नहीं, बल्कि उनकी क्षमता और पहुंच को बढ़ाने का माध्यम होगी। कॉन्क्लेव में देश-विदेश से आए विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों और निवेशकों ने डिजिटल हेल्थ, एआई और डेटा आधारित स्वास्थ्य सेवाओं पर विचार साझा किए। मंत्री ने कहा कि कॉन्क्लेव में मिले उपयोगी सुझावों को चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों को भी राज्य में प्रोत्साहित किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने डॉक्टरों, विशेषज्ञ चिकित्सकों और आईसीयू बेड की कमी को बड़ी चुनौती बताते हुए डिजिटल तकनीक से इस अंतर को कम करने पर जोर दिया। एनएचए के सीईओ डॉ. सुनील कुमार बरनवाल ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के साथ डिजिटल हेल्थ सेवाओं के एकीकरण की जानकारी दी। डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि कॉन्क्लेव में मिली सीख को कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा। तकनीक के जरिए स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत कर मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।