कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय के बाद राज्य में इतने बड़े स्तर पर नियुक्तियां संभव हो सकी हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के विकास और सामाजिक कल्याण में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है और सरकार इसी सोच के साथ लगातार कार्य कर रही है।
समाज और परिवार दोनों मजबूत होते हैं
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो समाज और परिवार दोनों मजबूत होते हैं। आज महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर न केवल अपने भविष्य को संवार रही हैं, बल्कि समाज की जिम्मेदारियों को भी प्रभावी ढंग से निभा रही हैं। उन्होंने नव-नियुक्त अधिकारियों से उम्मीद जताई कि वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें और सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाएं।
कुपोषण बड़ी चुनौती
सीएम हेमंत सोरेन ने राज्य में कुपोषण की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में यह अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे इस समस्या के समाधान के लिए गंभीरता से काम करें और पोषण से जुड़ी योजनाओं को हर जरूरतमंद परिवार तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएं।
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नियुक्ति मिलना बड़ी जिम्मेदारी
इस अवसर पर मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि नियुक्ति पत्र मिलना केवल खुशी का अवसर नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी राज्य के विकास को नई दिशा देगी। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, सचिव उमाशंकर सिंह, सामाजिक कल्याण विभाग के निदेशक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और सभी ने नव-नियुक्त अभ्यर्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।