फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झारखंड: मां भद्रकाली मंदिर कीर्तन मंडली के पुजारी का आश्रम में मिला शव, फंदे से लटका था; जांच में जुटी पुलिस

Sat, 03 Oct 2026 11:30 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

चतरा के इटखोरी स्थित मां भद्रकाली मंदिर की कीर्तन मंडली से जुड़े करीब 30 वर्षीय पुजारी अमन द्विवेदी उर्फ स्वामी श्रीनिवास का शव आश्रम के कमरे में फंदे से लटका मिला। बिहार के बलिया निवासी स्वामी श्रीनिवास वर्ष 2022 से मंदिर की कीर्तन मंडली से जुड़े थे।
विज्ञापन
मृतक के परिजनों के लापता होने से पुलिस की परेशानी बढ़ी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इटखोरी स्थित प्रसिद्ध मां भद्रकाली मंदिर की कीर्तन मंडली से जुड़े पुजारी स्वामी श्रीनिवास का शव उनके आश्रम स्थित कमरे में फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान करीब 30 वर्षीय अमन द्विवेदी उर्फ स्वामी श्रीनिवास के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बिहार के बलिया जिले के रहने वाले थे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। परिजनों और परिचितों के अनुसार अमन द्विवेदी ने अपने गांव स्थित गुरुकुल से धार्मिक शिक्षा हासिल की थी। गुरुकुल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर में भी बिताया। इसके बाद वर्ष 2022 से वह लगातार इटखोरी के मां भद्रकाली मंदिर की कीर्तन मंडली से जुड़कर सेवा दे रहे थे।

पुलिस ने कमरे का मुआयना कर शव नीचे उतारा

घटना की सूचना मिलते ही इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह, अंचलाधिकारी सविता सिंह और मृत्युंजय सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आश्रम के कमरे का मुआयना करने के बाद फंदे से लटके शव को नीचे उतारा। इसके बाद उसे तत्काल इटखोरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

विज्ञापन

अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टर अशोक कुमार ने अमन द्विवेदी को मृत घोषित कर दिया। जरूरी कानूनी प्रक्रिया और कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया है।

धार्मिक ज्ञान और व्यवहार के कारण श्रद्धालुओं में थी पहचान

स्वामी श्रीनिवास अपने धार्मिक ज्ञान, शांत स्वभाव और अच्छे आचरण के कारण स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच काफी सम्मानित थे। उन्होंने क्षेत्र के कई भक्तों को धार्मिक दीक्षा भी दिलाई थी। उनकी अचानक हुई मौत की खबर फैलते ही मां भद्रकाली मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और कीर्तन मंडली के सदस्यों में शोक की लहर दौड़ गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सामने आएगी मौत की वजह

घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतक के परिजन बिहार के बलिया से चतरा सदर अस्पताल के लिए रवाना हो गए हैं। इटखोरी पुलिस ने आश्रम के कमरे से मिले साक्ष्यों को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले स्वामी श्रीनिवास की दिनचर्या कैसी थी, उनकी गतिविधियां क्या थीं और वह किन लोगों के संपर्क में थे। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें