झारखंड प्रदेश आंगनवाड़ी वर्कर्स यूनियन, रांची के बैनर तले राज्यभर की आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका अपनी 6 सूत्री मांगों को लेकर 11 मार्च को झारखंड विधानसभा के समक्ष विशाल धरना-प्रदर्शन करेंगी। इस कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में सेविका-सहायिका भाग लेकर सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकृष्ट करेंगी।
यूनियन ने कहा कि सेविका-सहायिकाओं की सेवानिवृत्ति संबंधी मांग को लेकर पूर्व में धरना-प्रदर्शन और वार्ता भी की गई, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं एफआरएस व्यवस्था के कारण सेविकाओं के मानदेय में कटौती की जा रही है और चयनमुक्ति का भय दिखाकर उन पर दबाव बनाया जा रहा है।
पोषाहार वितरण प्रभावित हो रहा
पोषाहार वितरण में भी नेटवर्क समस्या और एप के सही ढंग से काम नहीं करने के कारण फेस कैप्चरिंग नहीं हो पा रही है, जिससे लाभुकों के बीच पोषाहार वितरण प्रभावित हो रहा है और सेविकाएं अनावश्यक दबाव झेल रही हैं। यूनियन ने मांग की है कि सुपरवाइजर की बहाली में 7 प्रतिशत पद सेविकाओं से भरे जाएं तथा आयु सीमा समाप्त की जाए। इन सभी मांगों को लेकर 11 मार्च को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक विधानसभा घेराव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
धरना के बाद मांगपत्र मुख्यमंत्री एवं महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा मंत्री को सौंपा जाएगा। यूनियन ने राज्य की सभी आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं से अपील की है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अधिक से अधिक संख्या में रांची पहुंचकर इस आंदोलन को सफल बनाएं।