फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jharkhand: रांची में सिस्टम फेल! जाम में आधे घंटे फंसी एंबुलेंस; सायरन बजता रहा ड्राइवर लेकिन नहीं मिला रास्ता

Sat, 18 Apr 2026 09:23 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

Jharkhand: रांची के किशोरगंज चौक पर भारी ट्रैफिक जाम के कारण एक एंबुलेंस करीब 30 मिनट तक फंसी रही, जिससे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। सायरन बजने के बावजूद एंबुलेंस को समय पर रास्ता नहीं मिल सका। 
विज्ञापन
जाम में फंसी एम्बुलेंस
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजधानी रांची में लगातार बढ़ती ट्रैफिक समस्या अब गंभीर रूप लेती जा रही है। रोजाना लगने वाले जाम से आम लोग ही नहीं, बल्कि आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। ताजा मामला हरमू बाईपास स्थित किशोरगंज चौक का है, जहां एक एंबुलेंस करीब आधे घंटे तक जाम में फंसी रही।

विज्ञापन


सायरन बजती रही, लेकिन नहीं मिला रास्ता
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एंबुलेंस का सायरन लगातार बजता रहा, लेकिन भारी जाम के कारण उसे रास्ता नहीं मिल सका। मौके पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने काफी प्रयास किए, बावजूद इसके जाम को तुरंत हटाया नहीं जा सका। करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद किसी तरह एंबुलेंस को रास्ता मिल पाया।

स्थानीय लोगों ने बताया ट्रैफिक व्यवस्था की विफलता
स्थानीय लोगों ने इस घटना को ट्रैफिक प्रबंधन की बड़ी विफलता बताया। राहगीरों का कहना है कि इस चौक पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है, खासकर जब कोई वीआईपी काफिला गुजरता है। ऐसे समय में ट्रैफिक पुलिस पूरी सक्रियता दिखाती है, लेकिन एंबुलेंस जैसी आपात सेवाओं के लिए वैसी तत्परता नहीं दिखाई जाती।
विज्ञापन


फ्लाईओवर निर्माण की उठी मांग
स्थानीय निवासी मनोज पंडित ने बताया कि किशोरगंज चौक पर फ्लाईओवर का निर्माण बेहद जरूरी हो गया है। उनका कहना है कि यह इलाका रोजाना जाम से जूझता है और यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

ये भी पढ़ें: शराब से झारखंड की जेब गरम, प्यासे समाज ने भरा सरकार का खजाना, तोड़े राजस्व के सारे रिकॉर्ड
विज्ञापन


प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को प्राथमिकता देने के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस दिशा में क्या ठोस कदम उठाता है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें