ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव के कारण समुद्र में फंसे 'अवाना' शिप के कप्तान, 47 वर्षीय राकेश रंजन सिंह का निधन हो गया। जानकारी के अनुसार, उन्हें हार्ट अटैक आया, लेकिन जहाज पर पर्याप्त मेडिकल सुविधा नहीं होने के कारण समय पर इलाज नहीं मिल सका और उनकी जान चली गई।
जहाज पर मौजूद थे 35 क्रू मेंबर
बताया जा रहा है कि राकेश रंजन सिंह पिछले करीब 18 दिनों से स्टेट ऑफ होर्मुज के समुद्री क्षेत्र में अपने जहाज के साथ फंसे हुए थे। जहाज पर उनके साथ करीब 35 क्रू मेंबर मौजूद थे, जहां चिकित्सा सुविधाओं का अभाव था।
18 तारीख की सुबह हुई थी बात
परिजनों के मुताबिक, 18 तारीख की सुबह करीब 11 बजे उनकी परिवार से बातचीत हुई थी और उस समय वे पूरी तरह स्वस्थ थे। हालांकि, उसी दिन शाम को उनके निधन की खबर मिलने से परिवार में कोहराम मच गया।
बिहारशरीफ के निवासी थे कप्तान
राकेश रंजन सिंह का परिवार रांची के अरगोड़ा स्थित वसुंधरा अपार्टमेंट में रहता है। वे मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले के बिहारशरीफ के निवासी थे। उनके परिवार में पत्नी रंजू कुमारी, बड़ा बेटा प्रवर सिंह, जो बेंगलुरु में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है, और छोटा बेटा शामिल हैं, जो रांची में पढ़ाई कर रहा है।
ये भी पढ़ें:
झारखंड में सोते दंपति को कुल्हाड़ी से काट डाला, बच्चों ने देखा खून से सना मंजर तो खुला राज
शव को भारत लाने की प्रक्रिया जारी
फिलहाल उनका पार्थिव शरीर दुबई के शेख राशिद अस्पताल के मॉर्चरी में रखा गया है। शव को भारत लाने की प्रक्रिया जारी है और अंतिम संस्कार बिहारशरीफ में किया जाएगा। परिजनों ने बताया कि राकेश सिंह हांगकांग की एक शिपिंग कंपनी में कप्तान के पद पर कार्यरत थे। कंपनी के प्रतिनिधि रांची पहुंचकर हरसंभव सहायता का भरोसा दे चुके हैं। केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने भी फोन पर परिवार को मदद का आश्वासन दिया है। परिवार ने सरकार से मांग की है कि पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाया जाए।