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Jharkhand News: सीआईपी से हटाए गए 156 सुरक्षाकर्मियों ने राज्यपाल से की मुलाकात, लगाई न्याय की गुहार

Tue, 10 Feb 2026 10:11 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

Jharkhand News: कांके स्थित केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (सीआईपी) से 156 निजी सुरक्षाकर्मियों को अचानक नौकरी से हटा दिया गया। वे बिना पूर्व सूचना या वैकल्पिक रोजगार के गंभीर आर्थिक संकट में हैं। 
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राज्यपाल संतोष गंगवार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रांची के कांके स्थित केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (सीआईपी) में 20 से 25 वर्षों तक सेवा देने के बाद अचानक नौकरी से हटाए गए 156 निजी सुरक्षाकर्मियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात कर अपनी पीड़ा साझा की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को एक पत्र सौंपते हुए संरक्षण और न्याय दिलाने की मांग की।

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30 जनवरी को नौकरी से हटाया गया था
भाजपा झारखंड प्रदेश अनुसूचित जाति उपाध्यक्ष कमलेश राम के नेतृत्व में गए इस प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि संस्थान प्रबंधन द्वारा 30 जनवरी की रात लगभग नौ बजे सभी सुरक्षाकर्मियों को अचानक नौकरी से हटा दिया गया। उन्हें न तो किसी वैकल्पिक रोजगार का अवसर दिया गया और न ही पूर्व सूचना दी गई। इसके कारण सभी सुरक्षाकर्मियों और उनके परिवारों को गंभीर आजीविका संकट का सामना करना पड़ रहा है।

3 फरवरी से कर रहे आंदोलन
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि रोजगार छिन जाने से बच्चों की शिक्षा, परिवार का भरण-पोषण और सामाजिक सम्मान पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। मजबूरी में 3 फरवरी से सभी सुरक्षाकर्मी शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अधिकांश सुरक्षाकर्मी स्थानीय निवासी हैं और गरीब, दलित, आदिवासी तथा पिछड़े वर्ग से आते हैं।

राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

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राज्यपाल संतोष गंगवार ने सुरक्षाकर्मियों की बातों को गंभीरता से सुनने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने का आश्वासन दिया।

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भाजपा नेता ने लगाए गंभीर आरोप
इस मौके पर भाजपा नेता कमलेश राम ने कहा कि यदि सरकार और प्रशासन शीघ्र कार्रवाई कर सुरक्षाकर्मियों को बहाल नहीं करता है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने मानवीय आधार पर सीआईपी से होमगार्ड्स को हटाने की भी मांग की। कमलेश राम ने आरोप लगाया कि पूर्व निदेशक डॉ. तरुण कुमार के साथ मारपीट का झूठा आरोप लगाकर सुरक्षाकर्मियों को हटाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. तरुण कुमार और तत्कालीन उप निदेशक एम.के. वर्मा ने मिलीभगत कर गार्डों से 40 से 80 हजार रुपये की अवैध मांग की थी। इस मांग का विरोध करने और लिखित शिकायत करने के बाद ही दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई हुई थी।

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