रांची की एक कोर्ट ने 2014 में रांची में हुई सिलागाईं हिंसा से जुड़े एक मामले में 44 आरोपियों को बरी कर दिया। ईद पर दो समुदायों के बीच नमाज की जगह को लेकर हिंसा भड़क गई थी। चान्हो थाने में 4 प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अन्य तीन प्राथमिकी में ट्रायल कोर्ट के समक्ष जारी है।
क्या था पूरा मामला
नौ जुलाई को ईद के दिन रांची जिले के चान्हो ब्लॉक के सिलागाईं में जमीन विवाद को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। इसमें आदिवासी और मुस्लिम समुदायों के लोगों सहित पुलिस कर्मी घायल हो गए थे। इस हिंसा के दौरान एक ग्रामीण दशरथ उरांव की मौत भी हो गई थी।
घटना के बाद आसपास दहशत का माहौल बन गया था। लोग गांव छोड़कर भाग गए थे। पुलिस तीन दिनों तक गांव में कैंप करती रही। पूरे गांव में कर्फ्यू लगा दिया गया था। कई दिनों तक लोग दहशत के माहौल में रहे। यह उस साल की सबसे बड़ी घटना थी। इसका असर राजधानी रांची के लिए दूसरे जिलों में भी देखने को मिला था।
इस घटना के दूसरे दिन ही दूसरे समाज के लोगों द्वारा भी मारपीट की गई थी। गांव में राज्य के नेता भी पहुंचने लगे थे, घटना पर खूब राजनीति भी हुई थी। बाद में प्रशासन और गांववालों के बीच समझौता कराकर इसे शांत किया गया।