झारखंड की राजधानी रांची को महानगरपालिका का दर्जा मिल सकता है। राज्य सरकार इसके लिए प्रयासरत है और जल्दी ही केंद्र सरकार के पास इसका दावा करेगी। इसके लिए राज्य सरकार ने महानगर योजना समिति का गठन भी किया है।
महानगरपालिका का दर्जा मिलने से राजधानी के विकास की रफ्तार में भी तेजी आएगी। रांची नगर निगम को मिलनेवाली सहायता राशि में कई गुना बढ़ोतरी होगी। इससे शहर का विकास होगा। यह दर्जा प्राप्त करने के लिए रांची पांच सालों से इंतजार कर रहा है।
केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार 10 लाख से अधिक आबादी के निकाय को ही महानगरपालिका का दर्जा दिया जा सकता है। पांच साल पूर्व ही रांची नगर निगम क्षेत्र की आबादी 10 लाख तक पहुंच चुकी थी। हालांकि केंद्र की ओर से जनगणना के आंकड़ों को ही मान्यता देने के कारण अब तक रांची नगर निगम को महानगरपालिका का दर्जा देने के लिए दावा नहीं किया जा सका है। वर्तमान में रांची शहर की अनुमानित आबादी 15 लाख के करीब है।
राज्य सरकार द्वारा गठित महानगर योजना समिति भविष्य को ध्यान में रख कर रांची नगर निगम क्षेत्र से सटे इलाकों के विकास का ढांचा तैयारी कर रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। इस समिति में 18 सदस्य होंगे और इसका अध्यक्ष नगर विकास मंत्री को बनाया गया है। इसके अन्य सदस्यों में नगर विकास सचिव, पंचायती राज विकास विभाग के सचिव, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव, रांची के आयुक्त व उपायुक्त, टाउन प्लानर समेत अन्य अधिकारियों और शहर के आसपास की पंचायतों के प्रप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जायेगा।