रांची में उद्घाटन से पहले गिरा पुल
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रांची के तमाड़ प्रखंड में करोड़ों की लागत से कांची नदी पर बना पुल ध्वस्त हो गया। तीन साल पहले ही इस पुल का निर्माण हुआ था, लेकिन यास तूफान के बाद मची तबाही के बाद 26 मई को हाराडीह-बुढ़ाडीह पुल भरभरा कर गिर गया। यह पुल रांची जिले के तमाड़, बुंडू और सोनाहातु को जोड़ता था। पुल के ढहने से तमाड़ और सोनाहातू प्रखंड से संपर्क टूट गया। लोगों अब सोनाहातू, राहे और सिल्ली जाने के लिए लम्बी दूरी तय करनी पड़ेगी। बता दें कि कुछ दिन बाद इस पुल का विधिवत उद्घाटन होने वाला था। इस घटना के बाद राज्य के मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने जांच की मांग की है।
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग
वहीं झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पुल गिरने के मामले को गंभीरता से लिया है। प्रदेश कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व विधायक केशव महतो कमलेश ने कांची नदी पर नवनिर्मित पुल गिरने के मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुल निर्माण करनेवाली कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम को पत्र लिखकर पुल ध्वस्त होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
भाजपा ने सरकार से जांच की मांग की
वहीं भाजपा ने हाराडीह-बुढ़ाड़ीह पुल गिरने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग है। रांची ग्रामीण जिला उपाध्यक्ष ने बताया कि सोनाहातू और तमाड़ प्रखंड को जोड़ने वाले हाराडीह-बुढ़ाडीह पुल का उद्घाटन से पहले नष्ट होना चिंता का विषय है। भाजपा ने निर्माण कार्य से जुड़ी एजेंसी और इंजीनियरों के खिलाफ जांच कर दोषियों पर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की।