फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झारखंड न्यूज: बड़गाईं जमीन मामले में सीएम हेमंत सोरेन पर आरोप गठन की सुनवाई, सोमवार को फिर होगी कोर्ट में पेशी

Sat, 19 Sep 2026 08:00 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़ा मामले में पीएमएलए की विशेष अदालत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन को लेकर सुनवाई हुई। अदालत ने अगली सुनवाई सोमवार शाम चार बजे निर्धारित की है।
विज्ञापन
सीएम हेमंत सोरेन।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में पीएमएलए की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन को लेकर सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई सोमवार को शाम चार बजे निर्धारित की है। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष उपस्थित होना होगा।

सोमवार की सुनवाई के दौरान अदालत मुख्यमंत्री के खिलाफ आरोप गठन से जुड़े पक्षों को सुनेगी। इसके बाद आरोप गठन को लेकर आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर निर्णय लिया जा सकता है। इससे पहले अदालत इस मामले में 15 आरोपियों के खिलाफ आरोप गठन कर चुकी है। वहीं, राजकुमार पाहन समेत दो आरोपियों के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया अभी लंबित है।

मामला रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है। जांच एजेंसी की ओर से जमीन के दस्तावेजों में कथित हेरफेर और फर्जीवाड़े से संबंधित आरोप लगाए गए हैं। मामले में पूर्व राजस्व कर्मचारी भानु प्रताप प्रसाद समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें- बिहार: दरवाजे पर सो रहे ग्रामीण चिकित्सक की गोली मारकर हत्या, खून से लथपथ मिला शव; तीन खोखे बरामद

आरोपियों में भानु प्रताप प्रसाद, विजेंद्र सिंह, विपिन सिंह, प्रिया रंजन सहाय, मनोज कुमार यादव, कुमार राजश्री, राजकुमार पाहन, संजीव कुमार, विनोद कुमार सिंह, शेखर कुशवाहा, तप घोष, मोहम्मद इरशाद अख्तर, अफसर अली और मोहम्मद सद्दाम हुसैन समेत अन्य के नाम शामिल हैं। अदालत में आरोप गठन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामले में गवाही और अन्य न्यायिक कार्रवाई का रास्ता साफ होगा। सोमवार की सुनवाई को इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल सभी की नजरें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें