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जानिए, उस घर का हाल जहां आया 55 करोड़ का बिल

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झारखंड के रांची में इन दिनों एक परिवार के होश उड़ हुए हैं। पांच सदस्यों के परिवार के मुखिया कृष्णा प्रसाद एक छोटी सी किराना की दुकान चलाकर जैसे तैसे परिवार का पेट पालते हैं। लेकिन इनकी असली दिक्कत ये नहीं है, इनकी असली परेशानी है बिजली विभाग का दिया गया 55 करोड़ का वो बिल जिसने पिछले कई दिनों से इनकी नींद उड़ा दी है।
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जिस घर में कूलर या एसी भी न हो वहां 55 करोड़ का बिजली का बिल देखकर कृष्णा प्रसाद की मां को हार्ट अटैक आ गया। वो तब से ही बीमार हैं। बिल सही करवाने के लिए कृष्णा प्रसाद बिजली विभाग के दफ्तर पहुंचे तो उनसे इसके बदले में दो लाख की रिश्वत मांगी गई।

मामला मीडिया में उछला तो बिजली विभाग बैकफुट पर आ गया। अब आरोपी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके घर दूसरा बिल बनाकर भेज दिया गया। हालांकि ये बिल भी पिछले बिलों के मुकाबले 10-12 गुणा ज्यादा है।
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ये है पूरा मामला

मामला रांची के कडारू इलाके का है जहां किराना व्यापारी कृष्‍णा प्रसाद अपने परिवार के साथ रहते हैं। बताया जाता है कि वो अपने परिवार के साथ कहीं शादी समारोह में गए हुए थे।

वहां से लौटते ही बिजली विभाग के कर्मचारियों ने ‌एक बिल उनके हाथ में थमा दिया। बिल देखते ही कृष्‍णा प्रसाद के होश उड़ गए तो उनकी मां को ऐसा झटका लगा कि वो बीमार पड़ गईं। विभाग ने दो कमरे के मकान का जिसमें कूलर और ऐसी जैसी कोई चीज न हो उसका 55 करोड़ से ज्यादा का बिल बनाया था।

बताते हैँ कि रांची में मीटर रीडिंग का काम एक प्राइवेट कंपनी बिप्स करती है। उसी के कर्मचारी अजय और प्रवीण लेने आए थे, जिन्होंने इतना बिल बना दिया। इसे सही कराने के लिए कृष्‍णा बिजली विभाग के दफ्तर पहुंचे तो वहां उन्हें वही दोनों कर्मचारी मिल गए।
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विभाग ने दुरुस्त कर भेजा दूसरा बिल

जब उनसे बिल के बारे में पूछा तो आरोप है कि दोनों ने बिल सही कराने की बात कहते हुए दो लाख रुपये की डिमांड रख दी। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की। अपनी गलती पकड़ में आते ही विभाग में हड़कंप मच गया।

इसके बाद आनन फानन में कृष्‍णा प्रसाद के घर का बिल दुरुस्त करवाकर दूसरा बिल भेजा गया। यह बिल भी 10 हजार से ऊपर का था। जबकि उनके यहां हर महीने औसतन 700-800 रुपए ही बिजली का बिल आता है।

अब विभाग ने उनके पुराने बकाए बताकर यही बिल जमा करने का आदेश दे दिया है। वहीं क्षेत्र के सहायक अभियंता राजकुमार ने माना कि साफ्टवेयर में गलती की वजह से इतना बिल आया है, जिसे दुरुस्त कर दिया गया है।
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