झारखंड कांग्रेस के मंत्री और विधायक दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे और सांसद राहुल गांधी से मिले। बैठक में मंत्रियों ने अपने विभागों की रिपोर्ट दी, वहीं कुछ विधायकों ने संगठन में उपेक्षा की शिकायत की। राहुल गांधी ने सभी को संगठन को मजबूत करने का निर्देश दिया।
झारखंड सरकार में कांग्रेस कोटे से मंत्री और विधायकों को सोमवार को पार्टी आलाकमान के समक्ष दिल्ली में हाजिरी लगानी पड़ी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सभी मंत्री और विधायकों की बैठक ली, जो घंटों तक चली।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सभी मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों के कार्यों की जानकारी दी। साथ ही बताया कि सरकार किस तरह जनता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से आगे बढ़ रही है। पिछले आठ महीनों में कांग्रेस कोटे के मंत्रियों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी भी दी गई। वहीं, बैठक में सरकार और संगठन को लेकर कुछ विधायकों ने अपनी पीड़ा राहुल गांधी के समक्ष रखी। विधायकों ने कहा कि सरकार के मंत्री उन्हें तरजीह नहीं दे रहे हैं। सभी की बातें सुनने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि आपसी तालमेल से संगठन और सरकार के माध्यम से चल रहे विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने संगठन को मजबूत करने और अधिक से अधिक युवाओं को पार्टी से जोड़ने की अपील की। राहुल गांधी ने झारखंड सरकार और पार्टी के कार्यों की सराहना की और सभी को जनसेवा एवं प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
बैठक में राहुल गांधी ने मंत्री और विधायकों से पूछा कि विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस घोषणापत्र में किए गए वादों को लेकर अब तक सरकार ने क्या कदम उठाए हैं। उन्होंने पार्टी के संगठन सृजन अभियान के बारे में भी जानकारी ली। राहुल गांधी ने कहा कि झारखंड में जमीनी स्तर पर संगठन को दुरुस्त करना है। बैठक में आगामी नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस की भूमिका को लेकर भी चर्चा की गई। इस बैठक में कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के राजू, खिजरी विधायक राजेश कच्छप, अनूप सिंह, नमन विक्सल कोंगाड़ी, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, दीपिका सिंह पांडेय, इरफान अंसारी सहित अन्य मंत्री-विधायक, पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री मौजूद रहे।