झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को चाइबासा स्थित एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर स्थित कदमा थाने की हाजत से अपने समर्थक भाजपा कार्यकर्ताओं को फरार कराने के मामले में आरोपी रघुवर दास और अन्य भाजपा नेताओं को गुरुवार बरी कर दिया।
कोर्ट ने सुरक्षित रख लिया था फैसला
एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने इस मामले में चली गवाही के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने अपने पैसले में साक्ष्य के अभाव में रघुवर दास के साथ-साथ आरोपी बनाए गए सभी नेताओं को बाइज्जत बरी कर दिया है।
इन्हें बनाया गया था आरोपी
थाने से भाजपा कार्यकर्ताओं को फरार कराने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के अलावा रामकुमार सिंह, कुलवंत सिंह बंटी, विनोद सिंह, देवेंद्र सिंह, रामबाबू तिवारी, राजहंस तिवारी, मुकुल मिश्रा, विकास सिंह, नंदजी प्रसाद, राजीव नंदन सिंह, अजीत सिंह, ललन द्विवेदी, देवानंद झा, सुबोध श्रीवास्तव, बटेश्वर पांडेय, सुधांशु ओझा, उमेश सिंह, भुवनेश्वर सिंह, राजकुमार राय व राजेश सिंह को आरोपी बनाया था।
ये था पूरा मामला
24 अप्रैल 2017 को कदमा थाना पुलिस ने मंदिर की चहारदीवारी विवाद प्रकरण में भाजपा कदमा मंडल के तत्कालीन अध्यक्ष सुधांसु ओझा, उमेश सिंह, भुवनेश्वर सिंह, राजेश सिंह, राजकुमार राय को हाजत में बंद कर दिया था। उसी दिन शाम छह बजकर पंद्रह मिनट पर रघुवर दास अपने कार्यकर्ताओं के साथ कदमा थाने से पांच आरोपियों को निकाल ले गए।
अदालत में साक्ष्य पेश न कर सकी पुलिस
इस घटना को लेकर उनके खिलाफ कदमा थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद जांच में पुलिस रघुवर दास के खिलाफ आरोपियों को फरार कराने का कोई ठोस साक्ष्य अदालत के समक्ष पेश नहीं कर पायी।