राज्यपाल रमेश बैस ने शुक्रवार को यह बात रांची में एक कार्यक्रम में कही। इसी दौरान पत्रकारों ने उनसे सीएम हेमंत सोरेन के बारे में चुनाव आयोग की सिफारिश को लेकर सवाल किए तो उन्होंने सवाल को हास्य विनोद में टाल दिया और मुस्कुराते हुए चल दिए।
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को लीज लाइसेंस मामले में विधायक पद से अयोग्य घोषित करने के मामले में चुनाव आयोग द्वारा राज्यपाल रमेश बैस को भेजी गई सिफारिश से पर्दा उठने का नाम ही नहीं ले रहा है। अब तो राज्यपाल बैस ने स्वयं इस मामले में चुटकी लेते हुए कहा, ‘आयोग ने ऐसा लिफाफा भेजा कि खुलने का नाम ही नहीं ले रहा।‘
विज्ञापन
राज्यपाल रमेश बैस ने शुक्रवार को यह बात रांची में एक कार्यक्रम में कही। इसी दौरान पत्रकारों ने उनसे सीएम हेमंत सोरेन के बारे में चुनाव आयोग की सिफारिश को लेकर सवाल किए तो उन्होंने सवाल को हास्य विनोद में टाल दिया और मुस्कुराते हुए चल दिए।
बता दें, भाजपा ने सीएम सोरेन के खिलाफ राज्य में लीज का लाइसेंस अपने व परिवार के नाम कराने को लेकर राज्यपाल और चुनाव आयोग को शिकायत की थी। आयोग ने दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी कर रिपोर्ट राज्यपाल को भेज दी है। इसे करीब एक माह हो चुका है, लेकिन आयोग ने क्या राय दी है, इसे लेकर असमंजस कायम है।
विज्ञापन
सोरेन ने की थी राज्यपाल से मुलाकात
चुनाव आयोग ने राज्यपाल बैस को बंद लिफाफ में अपनी रिपोर्ट दी है। लिफाफे में बंद आयोग के मंतव्य को जानने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी राज्यपाल से मिल चुके हैं, लेकिन करीब एक माह बाद भी इसे लेकर पत्ते नहीं खुल रहे हैं। इस बीच सीएम सोरेन ने विधानसभा में विश्वास मत अर्जित कर ताकत दिखा दी।
चुनाव आयोग ने नहीं दी सोरेन को प्रतिलिपि
उधर, चुनाव आयोग ने सीएम सोरेन को ‘अयोग्यता को लेकर अपनी रिपोर्ट की प्रतिलिपि देने से इनकार कर दिया। आयोग ने कहा कि यह पत्राचार संविधान के अनुच्छेद 192 के तहत आयोग और राज्यपाल के बीच विशेषाधिकार के दायरे में आता है। इसे सिर्फ राज्यपाल ही उजागर कर सकते हैं। उनकी अनुमति के बगैर इसका खुलासा नहीं किया जा सकता।