राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद विभिन्न वर्गों में सुरक्षा पाने वाले वीआईपी की सुरक्षा आवश्यकता की पहली बार समीक्षा की गई है। इसमें संभावित खतरों के आधार के पर कुछ वीआईपी की सुरक्षा में कटौती करने का भी निर्णय लिया गया। साथ ही कई वीआईपी की सुरक्षा में बदलाव नहीं किया गया है और कुछ को सुरक्षा श्रेणी में शामिल किया गया है।
हालांकि अभी सरकार ने वीआईपी सुरक्षा संबंधी इस फैसले पर मुहर नहीं लगाई है। मुहर लगने के बाद इससे संबंधित आदेश जारी किया जायेगा। सुरक्षा श्रेणी में पहली बार सुरक्षा सलाहकार मधुकर गुप्ता, के. विजय कुमार को शामिल किया गया है। इनके अलावा कुछ जजों को भी पहली बार सुरक्षा वर्ग में रखा गया है।
साथ ही राज्य में कुछ पूर्व अफसरों को भी सुरक्षा श्रेणी में रखा गया है। इनमें चार पूर्व डीजीपी के अलावा एक आईजी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त जिन वीआईपी की सुरक्षा में कमी की गई है उनमें सुबोधकांत सहाय (पूर्व केंद्रीय मंत्री), सुदेश महतो, हेमंत सोरेन व स्टीफन मरांडी (सभी पूर्व उपमुख्यमंत्री हैं), आरआर प्रसाद, वीडी राम, नेयाज अहमद व जेबी महापात्र (पूर्व डीजीपी) शामिल हैं।