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महिला ड्राइवर खुद हो रहीं छेड़छाड़ की शिकार

Thu, 27 Feb 2014 12:25 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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झारखंड में जब महिलाओं ने असुरक्षित महसूस करना शुरू कर दिया, पब्लिक ट्रांसपोर्ट से डरने लगीं तो पिंक ऑटो सर्विस शुरू की गई। इसका काम था महिलाओं के लिए ट्रांसपोर्ट को सुगम बनाना।
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अब एक नई समस्या सामने आ रही है, जो महिलाएं ऑटो चला रही हैं वो खुद पुरूष ऑटो ड्राइवरों द्वारा छेड़छाड़ का शिकार बन रही हैं। मंगलवार को पिंक ऑटो सर्विस एक दिन के लिए विरोध स्वरूप बंद रखी गई।

महिला ड्रावरों का कहना है कि जब से उन्होंने ऑटो चलाना शुरू किया है तभी से ही उनको पुरुष ड्राइवरों की अश्लील बातों का सामना करना पड़ता है। खास तौर पर तब जब वो स्टैंड पर सवारियों का इंतजार कर रही होती हैं।
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पिंक ऑटो चलाने वाली ड्राइवर सुनीता देवी बताती हैं कि कई मर्तबा सभी लिमिट्स क्रॉस हो जाती हैं और बर्दाश्त करना मुश्किल हो जाता है।

डीजल ऑटो चालक महासंघ के झारखंड अध्यक्ष दिनेश सोनी कहते हैं कि," कुछ ड्राइवरों को अपनी सवारियां कम हो जाने का डर है तभी वो ऐसी हरकतें कर रहे हैं।"

इस मामले में ट्रैफिक एसपी राजीव रंजन का कहना है कि पीड़ित महिलाओं को सबसे पहले इस मामले में FIR करानी चाहिए। उनको छेड़ने वालों का नंबर नोट करना चाहिए और फिर FIR कराना चाहिए।"
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