सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सोमवार को कहा कि लोग कश्मीर घाटी में स्वतंत्र रूप से घूम रहे हैं और जो लोग दावा कर रहे हैं कि वहां बंद हैं, उनका अस्तित्व आतंकवाद पर निर्भर है। रावत झारखंड के रामगढ़ में पंजाब रेजिमेंट के 29वें और 30वें बटालियन को प्रेसिडेंट्स कलर से सम्मानित करने के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे।
सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने बुधवार को एक भव्य कार्यक्रम में पंजाब रेजिमेंट की दो युवा बटालियनों 29 एवं 30 पंजाब को राष्ट्रपति का चिह्न (कलर) प्रदान किया। पंजाब रेजिमेंट की 29 पंजाब की ओर से लेफ्टिनेंट प्रीतपाल सिंह और 30 पंजाब की ओर से लेफ्टिनेंट किशन गोराइया ने सेनाध्यक्ष से राष्ट्रपति के चिह्न हासिल किए।
सेना ने एक बयान में बताया कि 29 एवं 30 पंजाब बटालियनें क्रमशः 2013 एवं 2014 में गठित की गई थीं। उन्हें अपने उत्तम कार्य के लिए राष्ट्रपति का चिह्न प्रदान किया गया है। राष्ट्रपति के चिह्न में पैदल सेना को एक खास तरह का ध्वज प्रदान किया जाता है जो देशभक्ति के लिए जीवन समर्पित करते हैं और एक रेजिमेंट के तौर पर देश की सेवा करते हैं।
पंजाब रेजिमेंट की स्थापना 1915 में हुयी थी और इसे 1976 में रामगढ़ स्थानांतरित किया गया था। जनरल रावत ने अपने भाषण में बताया कि पंजाब रेजिमेंट संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत श्रीलंका, लेबनान और कांगो में काम कर चुका है।