झारखंड के रामगढ़ जिले में अवैध खनन के दौरान कोयला खदान का एक हिस्सा ढहने से चार लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद मलबे में कई अन्य के फंसे होने की आशंका है। घटना जिले के कर्मा इलाके में तड़के हुई। राहत और बचाव अभियान के लिए एक प्रशासनिक टीम को भेजा गया है।
एक अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से चार शव बरामद किए गए हैं। इनमें से तीन को ग्रामीणों ने पुलिस के पहुंचने से पहले बाहर निकाल लिया था। बचाव अभियान जारी है। एसपी अजय कुमार ने बताया कि यह घटना सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की एक बंद पड़ी खदान में हुई। उन्होंने कहा, इस तरह की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए कंपनी के पास अपने सुरक्षाकर्मी हैं। सूचना के बाद पुलिस ने सीसीएल की मदद की। रामगढ़ के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) फैज अक अहमद मुमताज ने बताया कि हमें सुबह घटना की जानकारी मिली। मामले की जांच के लिए एक प्रशासनिक टीम को मौके पर भेजा गया है।
सीसीएल में अवैध खनन का मामला
खदान ढहने पर एसडीएम रामगढ़ अनुराग तिवारी ने कहा कि घटना सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की सीमा में हुई है। हम खदान ढहने वाली जगह पर पहुंच गए हैं। सभी कोणों से जांच की जा रही है, जिसके बाद कारण, हताहतों और चोटों का पता लगाया जा सकेगा... यह सीसीएल में अवैध खनन का मामला है।
'सरकार की देख-रेख में ही ये सारे काम होते हैं'
उधर, घटना के विरोध में ग्रामीणों ने इलाके में सीसीएल कर्मा परियोजना कार्यालय के पास प्रदर्शन किया। भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा, 'झारखंड में लोगों को जोखिम में डालकर, खदानों में काम करवाया जा रहा है। खदान धंसने से लोगों को मौत भी हो जाती है। सीधे तौर पर यह सब प्रशासन की देख-रेख में ही होता है। कोलियरी के क्षेत्रों में अवैध तौर पर खनन करवाया जाता है, जिसमें सुनियोजित तरीके से माफिया जुड़े हुए हैं। सरकार यदि एक बार मजबूती से तय कर ले कि अवैध खनन नहीं करवाना है तो कम से कम इस प्रकार की खदानें जहां धंसने की आशंका होती है बंद करवाई जा सकती हैं... यह सब कुछ सरकार के संज्ञान में है बल्कि हमारा कहना है कि सरकार की देख-रेख में ही ये सारे काम होते हैं।'