रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र में 6 नवंबर को निशा भगत की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने तत्कालीन थाना प्रभारी सतीश पाण्डेय और अन्य अधिकारियों समेत नामजद लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने यह कार्रवाई मृतका के पिता आनंदु भगत के लिखित बयान के आधार पर पिठोरिया थाने में की है। पुलिस ने मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
प्राथमिकी में गंभीर आरोप मृतका के पिता ने अपनी लिखित शिकायत में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता का कहना है कि उनकी बेटी को झूठे मामलों में फंसाकर सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे वह गहरे मानसिक तनाव में आ गई थी। शिकायत के अनुसार एक सोची-समझी साजिश के तहत सोशल मीडिया पर निशा का घोर चरित्र हनन किया गया और उनके खिलाफ दुष्प्रचार फैलाया गया।
इसी मानसिक वेदना और सामाजिक बदनामी से तंग आकर निशा भगत ने यह आत्मघाती कदम उठाया। पिता ने स्पष्ट किया कि यह केवल सामान्य आत्महत्या नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दी गई हत्या है। नामजद आरोपियों पर कसता शिकंजा दर्ज प्राथमिकी में कई प्रभावशाली लोगों और अधिकारियों के नाम शामिल हैं।
मृतका के पिता ने पिठोरिया के तत्कालीन थाना प्रभारी सतीश पाण्डेय और अन्य पुलिस अधिकारियों के अलावा अजय तिर्की, ज्योत्सना केरकेट्टा तथा जमीन व चर्च से जुड़े कथित दलालों पर सीधा आरोप लगाया है।
पिता ने शिकायत में कहा कि जब भी उनकी बेटी घर से बाहर निकलती थी, आरोपी रास्ते में रोककर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। इन लगातार बढ़ते दबावों और प्रताड़ना के कारण निशा के पास कोई अन्य रास्ता नहीं बचा था। उच्च स्तरीय जांच और वीडियो साक्ष्य मौत को गले लगाने से पहले मृतका निशा भगत ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो बयान जारी किया था। इस वीडियो बयान में उन्होंने खुद को प्रताड़ित करने वाले कई चेहरों के नामों का खुलकर खुलासा किया था।
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पिता ने पुलिस प्रशासन से वीडियो में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है ताकि मृतका को न्याय मिल सके। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग ने जांच का जिम्मा उच्च अधिकारी को सौंपा है। पुलिस उपाधीक्षक अमर कुमार पांडे को पूरे मामले की जांच का प्रभार दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की तकनीकी जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।