झारखंड कृषि मंत्री योगेंद्र साव ने दबाव बना कर हजारीबाग के जिला कृषि पदाधिकारी (डीएओ) सुखदेव हेंब्रम से अपने काफिले की गाड़ियों में 58 हजार से अधिक के पेट्रोल भरवाया है।
पेट्रोल पिछले तीन माह में भरवाया गया हैं। डीएओ अब हजारीबाग के मेसर्स लक्ष्मी ऑटोमोबाइल्स पेट्रोल पंप को पैसे नहीं दे पा रहे हैं। करीब 15 दिन पहले उन्होंने कृषि निदेशक को पत्र लिख मार्गदर्शन मांगा था। पैसे न मिलने पर पंप मालिक ने डीएओ को कानूनी नोटिस भेज दिया है।
कृषि सचिव व निदेशक को जानकारी नहीं : डीएओ को भेजे गये नोटिस की जानकारी सरकार को नहीं है। कृषि सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी व निदेशक केके सोन ने मामले से अनभिज्ञता जताई है।
दोनों अधिकारियों ने कहा कि उन्हें डीएओ का कोई पत्र नहीं मिला है। डॉ कुलकर्णी ने बताया कि विभागीय मंत्री की गाड़ी के लिए रांची के पंप से पेट्रोल उपलब्ध कराए जाते हैं।
मंत्री चाहे तो हजारीबाग के नजारत से भी पेट्रोल ले सकते हैं। इसके अलावा किसी और तरीके से मंत्री को पेट्रोल नहीं दिया जाता है। डीएओ की ओर से मंत्री को पेट्रोल उपलब्ध कराने जैसी कोई जानकारी मेरे पास नहीं है।
‘‘प्रावधान की बात नहीं है। मंत्री हैं। जो कहते हैं, करना पड़ता है। अब अपनी पॉकेट से तो मंत्री की गाड़ी में तेल नहीं भरवा सकते हैं। पेट्रोल पंप मालिक को देने के लिए विभाग से पैसे मांगे हैं। विभाग नहीं देगा, तो पता नहीं कहां से देंगे।
-सुखदेव हेंब्रम, जिला कृषि पदाधिकारी